तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने अपने घर पर हुए पथराव के बाद बंगाल की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में हिंसा को बढ़ावा दिया जा रहा है और अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने पुलिस की भूमिका पर भी नाराजगी जताई।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी ने अपने परिवार के आवास के बाहर कथित तौर पर हुए हमले को लेकर पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि राज्य में हिंसा को एक सामान्य बात बना दिया गया है और अपराधियों को खुलेआम संरक्षण मिल रहा है।
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घर पर पथराव की घटना
अभिषेक बनर्जी ने बताया कि मंगलवार सुबह एक व्यक्ति मोटरसाइकिल से उनके परिवार के आवास के बाहर आया। उस व्यक्ति ने उनके घर की पहली मंजिल की खिड़कियों पर बार-बार बड़े पत्थर फेंके। इस हमले में खिड़कियों के शीशे टूट गए। बनर्जी ने इसे केवल कानून-व्यवस्था की साधारण समस्या नहीं माना, बल्कि इसे हिंसा के संस्थागत रूप लेने का एक गंभीर मामला बताया।
पुलिस और प्रशासन पर सवाल
टीएमसी नेता ने इस घटना के दौरान पुलिस की मौजूदगी पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि आखिर पुलिस उस समय कहां थी और आरोपी ने किसके कहने पर यह हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में ऐसा माहौल बन गया है जहां अपराधियों को यह विश्वास रहता है कि उन्हें राजनीतिक संरक्षण मिल जाएगा। उन्होंने सीधे तौर पर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल में हिंसा और गुंडागर्दी को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
नए कानून और सुरक्षा पर चिंता
अपनी पोस्ट में उन्होंने हाल ही में पारित हुए ‘वेस्ट बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी सोशल एक्टिविटीज बिल, 2026’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह नया कानून उन लोगों पर भी सख्ती से लागू होगा जिन्हें भाजपा का समर्थन प्राप्त है। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि राज्य की मौजूदा स्थिति उन्हें बहुत परेशान और चिंतित कर रही है। उन्होंने प्रशासन से इन घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार की नीतियों के कारण ही अपराधियों का मनोबल बढ़ा है।