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आज देश में अभिनंदन: ऐसे मजबूर हुआ पाकिस्तान और भारत ने जीत ली मुश्किल लड़ाई

Thu, 28 Feb 2019 09:22 PM IST
अजय सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अभिनंदन पर भारत की जीत
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भारतीय वायुसेना का विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान को भारतीय उच्चायोग में तैनात ग्रुप कैप्टन जेडी कुरियन आज वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत लेकर आएंगे। कारगिल युद्ध के समय ग्रुप कैप्टन नचिकेता को भी इसी रास्ते लाया गया था। भारतीय सेना के पराक्रम और सरकार के कूटनीतिक चक्रव्यूह के आगे पाकिस्तान ने घुटने टेक दिए।

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भारत पाकिस्तान के बीच पुलवामा हमले के बाद से ही तनाव चरम पर पहुंच गया था। खासतौर पर विंग कमांडर अभिनंदन के पाकिस्तान के कब्जे में आ जाने से हालात बिगड़ गए। पहले ही दिन भारत ने साफ कर दिया कि वह हर हाल में अभिनंदन की बिना शर्त सकुशल रिहाई चाहता है। दबाव रंग लाया और गुरुवार को पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने अभिनंदन की रिहाई का एलान भी कर दिया। भारत की इस कामयाबी में डिप्लोमैसी ने अहम भूमिका निभाई।

पहली बार पाकिस्तान इतनी जल्दी दबाव में झुका 

ये पहला मौका है जब पाकिस्तान ने किसी भारतीय सैनिक को इतनी जल्द छोड़ने का एलान किया है। इससे पहले कई मौकों पर उसने कब्जे में आए भारतीय सैनिकों के साथ बर्बरता की है। जिनेवा संधि का पाकिस्तान ने हर बार उल्लंघन किया है। बात चाहे 1999 करगिल युद्ध के दौरान पायलट अजय आहूजा की हो या कैप्टन सौरभ कालिया की, अमानवीयता की हदें पार कर दी गईं। हालांकि इसी दौरान भारतीय पायलट नचिकेता को पाकिस्तान ने भारी दबाव के बाद कई दिनों बाद छोड़ा था। 
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डिप्लोमैसी का अहम रोल

अभिनंदन की रिहाई में भारत की डिप्लोमैसी ने बड़ा काम किया। भारत ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मामले को उठाया, सभी बड़े देशों और मित्र देशों को पाकिस्तान की कारगुजारी के बारे में बताया। अमेरिका ने भी भारत की बात को समझा और बड़ी भूमिका अदा की। डोनाल्ड ट्रंप ने दिन में ही कह दिया था कि आज शाम तक कोई अच्छी खबर मिलेगी। तो क्या अभिनंदन की रिहाई का एलान ही ये अच्छी खबर थी और ट्रंप की मध्यस्थता से महज एक दिन में ही बड़ा एलान हो गया। ट्रंप ने पुलवामा हमले के बाद भी एक बड़ा बयान दिया था। उन्होंने पुलवामा हमले के जवाब में भारत की ओर से कुछ बड़ा करने की बात कही थी। अगले कुछ घंटों में बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक की खबर सामने आई। यानी अमेरिका का इस मामले में पूरा दखल रहा और उसे पता था कि कब क्या होने जा रहा है।  

न सिर्फ अमेरिका बल्कि अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के जरिए भी पाकिस्तान पर दबाव बनाया गया। तीनों देशों ने पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करवाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में नया प्रस्ताव दिया। इस घटना ने भी पाकिस्तान को सोचने पर मजबूर किया होगा। 

उधर, भारत और अमेरिका के बीच बातचीत का दौर लगातार चल रहा था। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बॉल्टन ने अपने भारतीय समकक्ष अजीत डोभाल से भारत-पाक तनाव के बीच दूसरी बार बातचीत की। इसके अलावा डोभाल ने पी 5 देशों के साथ भी बात कर भारत का पक्ष मजबूती से रखा। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की ये घेराबंदी आखिर काम आई और अभिनंदन की सकुशल रिहाई का रास्ता साफ हो सका।  

अरब देशों को साधा 

गुरुवार को भारत में सऊदी अरब के राजदूत सउद मोहम्मद अल-सती ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। हालिया समय में सऊदी अरब भारत के करीब आया है। पाकिस्तान से भी इस देश की घनिष्ठता है। ऐसे में संभव है कि सऊदी के जरिए पाकिस्तान पर अभिनंदन को लेकर दबाव बनाया गया हो। 

भारत ने अरब वर्ल्ड के जरिए भी पाकिस्तान पर दबाव बनाया। सऊदी अरब जैसे नेताओं को बताया गया कि किस तरह भारत का मिग 21 पाकिस्तान के विमान का पीछा कर रहा था इसी दौरान पायलट पीओके पहुंच गया विमान को गिरा दिया गया। इस दौरान पायलट अभिनंदन पैराशूट से सुरक्षित उतर आए जिन्हें पाकिस्तान सेना ने हिरासत में ले लिया। इसके अलावा भारत ने अभिनंदन की रिहाई को लेकर सख्त रुख दिखाया। भारत ने जिनेवा संधि का हवाला देकर जता दिया कि भारत किसी भी हाल में नहीं झुकने वाला और सौदेबाजी उसे मंजूर नहीं होगी।  

पीएम मोदी ने दिया सख्त संदेश

पाकिस्तान की तरफ से लगातार बातचीत का संदेशा आता रहा लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी ने चुप्पी साधे रखी। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा कि इमरान खान भारतीय पीएम से बातचीत करना चाहते हैं। खुद इमरान खान ने भी पाकिस्तानी संसद में कहा कि वह नरेंद्र मोदी से बात करना चाहते थे। लेकिन भारत का रुख सख्त बना रहा। 

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