नागपुर डिवीजन ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव जीतने वाले कांग्रेस नेता अभिजीत वंजारी ने कहा कि पिछले छह वर्षों में युवाओं, छात्रों और विद्वानों के साथ लगातार जुड़े रहने की वजह से ही वे दोबारा चुने गए हैं। उन्होंने कहा कि अब यह निर्वाचन क्षेत्र भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का गढ़ नहीं रहा, बल्कि कांग्रेस का गढ़ बन गया है।
कांग्रेस नेता अभिजीत वंजारी ने क्या कहा?
जीत के बाद समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में वंजारी ने कहा कि उन्होंने ग्रेजुएट्स से जुड़े मुद्दों को हल करने और विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए लोगों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने पर ध्यान दिया।
उन्होंने कहा, 'छह साल पहले, जब मैं पहली बार ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र से चुना गया था, तब वहां कई ऐसे काम थे जो पूरे होने चाहिए थे, लेकिन अधूरे रह गए थे। ग्रेजुएट्स का एक अलग निर्वाचन क्षेत्र होता है, और मैंने इस बात को ध्यान में रखते हुए पूरी लगन से काम किया। मैंने लोगों के साथ करीबी संपर्क बनाए रखा और विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए युवाओं, छात्रों और विद्वानों के साथ जुड़ा रहा। इसका फायदा निर्वाचन क्षेत्र को मिला और चुनाव के दौरान भी यह मददगार साबित हुआ, जिसके परिणामस्वरूप मैं फिर से चुना गया।'
वंजारी ने कहा कि यह नतीजा काफी अहम है, खासकर इसलिए क्योंकि उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र के तीन निर्वाचन क्षेत्रों में भी इसी तरह के चुनाव हुए थे। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में 'महा विकास अघाड़ी' (MVA) ने ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्रों के तीनों चुनाव जीत लिए हैं।
नतीजा को क्यों अहम है?
उन्होंने कहा, 'हम इस नतीजे से बहुत खुश हैं। यह उस काम का सबूत है जो हम कई वर्षों से कर रहे हैं। अब यह भाजपा का गढ़ नहीं रहा, बल्कि कांग्रेस का गढ़ बन गया है।' कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि चुनाव के नतीजों से पता चलता है कि महाराष्ट्र और पूरे देश के युवा फिर से कांग्रेस से जुड़ रहे हैं। उन्होंने इस रुझान का श्रेय, कुछ हद तक, राहुल गांधी द्वारा छात्रों के साथ किए गए संवाद कार्यक्रमों और लोगों को एक साथ लाने तथा उनकी चिंताओं को दूर करने के उनके प्रयासों को दिया।
ईवीएम को लेकर क्या बोले?
वंजारी ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के इस्तेमाल पर भी चिंता जताई और इस मुद्दे पर राहुल गांधी के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ईवीएम के जरिए चुनाव कराने की प्रक्रिया को रोकने की मांग अब और जोर पकड़ेगी।
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष ने क्या कहा?
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने गुरुवार को विधान परिषद की पांच में से तीन सीटों पर विपक्षी एमवीए की जीत को राजनीतिक बदलाव का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि नागपुर से उनकी पार्टी के सहयोगी अभिजीत वंजारी का फिर से चुना जाना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।