कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक अभिजीत दिपके ने मोदी सरकार पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं, पत्रकारों और सांसदों पर हमले किए जा रहे हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक अभिजीत दिपके ने सोमवार को मोदी सरकार पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की बढ़ती मांगों के बीच उन्हें बचाने के लिए नागरिकों के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं।दिपके रविवार देर रात महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में स्थित अपने पैतृक गांव 'संतुक पिंपरी' पहुंचे और उस जगह पर गए जहां उनकी दादी का अंतिम संस्कार किया गया था।
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दिपके ने एक्स पर क्या कहा?
अभिजीत दिपके ने एक्स पर एक पोस्ट लिखा। इसमें उन्होंने कहा, 'दिल्ली पुलिस युवाओं, पत्रकारों और यहां तक कि सांसदों पर भी हमले कर रही है। ज्ञानेश कुमार मोदी के लिए इतने जरूरी क्यों हैं कि वे उन्हें बचाने के लिए किसी से भी भिड़ने को तैयार हैं?'
किस शर्त पर हुए रिहा?
शनिवार को जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन से पहले, दिपके को सीजेपी नेताओं आशुतोष रंका और सौरव दास के साथ दिल्ली एयरपोर्ट पर एहतियातन हिरासत में ले लिया गया था। उन्हें रविवार को रिहा किया गया। अदालत ने अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को कुछ शर्तों के साथ 50-50 हजार रुपये के मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया है। इन नेताओं को अगले एक साल की अवधि तक शांति व्यवस्था बनाए रखने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है।
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बता दें कि सीजेपी और विपक्षी पार्टियां वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (विशेष गहन संशोधन) में कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही हैं।