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टूटे शौचालय, गायब नल और बदहाल दरवाजे: स्कूल की हालत देख भड़के अभिजीत दीपके, कहा- 1960 के दशक जैसे हालात

Wed, 19 Aug 2026 03:24 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी पीटीआई, हिंगोली

सार

महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के काडोली गांव में सरकारी स्कूल की बदहाली सामने आई। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने टूटे शौचालय, दरवाजे और गायब नलों पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को 10 दिन में मरम्मत शुरू करने का अल्टीमेटम दिया। 
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अभिजीत दीपके, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में एक सरकारी स्कूल 1960 के दशक में फंसा हुआ प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि वहां टूटे हुए शौचालय और कक्षा के दरवाजे और शौचालयों में गायब नल पाए।

दीपके, जिनके समूह ने पिछले सप्ताह 'स्कूल ठीक करो' (सरकारी स्कूलों में सुधार करो) अभियान शुरू किया था। उन्होंने मंगलवार को अपने गृह जिले के काडोली गांव में स्थित स्कूल का दौरा किया।

कैंपस का लिया जायजा

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वह स्कूल का समय समाप्त होने के बाद शाम करीब 7:30 बजे परिसर में गए और कैंपस का जायजा लिया। स्कूल में उनके दौरे और उसके बाद ग्रामीणों के साथ हुई बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

वीडियो में दीपके ने क्या कहा? 
उन्होंने कहा, 'ऐसा लगा जैसे मैं 1960 के दशक के किसी स्कूल में गया हूं। एक पुराना टिन की छत वाला शौचालय, टूटे हुए दरवाजे और शौचालयों में नल नहीं थे। इन शौचालयों का क्या करें? संबंधित अधिकारियों ने (स्कूल परिसर के रखरखाव में) अपना कर्तव्य नहीं निभाया। 

ग्रामीण को लेकर क्या कहा? 

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उन्होंने स्थानीय निवासियों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, 'ग्रामीण भी गलत हैं क्योंकि वे चुप रहे।' ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता उन्हें परेशान करते हैं। अगर कोई स्कूल की खराब स्थिति के खिलाफ आवाज उठाता है तो उन्हें मुकदमों में फंसा देते हैं।

दीपके ने क्या चेतावनी दी? 
उन्होंने चेतावनी दी, 'अगर कोई आवाज उठाता है और मामला दर्ज हो जाता है, तो ऐसा एक, दो या तीन लोगों के मामले में हो सकता है। अगर पूरा गांव आवाज उठाएगा, तो मामला कैसे दर्ज होगा? ग्रामीणों को संबंधित ब्लॉक विकास अधिकारी से अगले दस दिनों में स्कूल की मरम्मत शुरू करने के लिए कहना चाहिए, अन्यथा हम आंदोलन करेंगे।'

 

इससे पहले मंगलवार को, दीपके ने हिंगोली जिले के धेगज गांव में एक सरकारी स्कूल में छात्रों को कथित तौर पर अपनी कक्षा में झाड़ू लगाने के लिए कहे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई थी।

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