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बोरवेल में जिंदगी की जंग हार गया अभि, 20 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

Sun, 24 Jul 2016 03:26 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, ग्वालियर
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अभि को निकालने के लिए खोदा गया गड्ढा - फोटो : ब्यूरो/ ग्वालियर
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बोरवेल में गिरा अभि उर्फ अभय अंतत: जिंदगी की जंग हार गया। शुक्रवार सायं से शनिवार दोपहर 1:30 बजे तक करीब बीस घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जब अभि को निकाला गया तो उसका शरीर बेजान था, शायद कोई सांस बाकी हो, इस उम्मीद में उसे डबरा के चिकित्सालय पर ले जाया गया, वहां चिकित्सक ने उसकी मौत को पुष्टि की। उसकी मौत की सूचना से मौके पर मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गईं। 
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गांव सुल्तानपुर खेरी में बोरवेल में गिरे तीन साल के मासूम अभि को बचाने के लिए बीएसएफ और एसडीआरएफ ने पूरी रात रेस्क्यू आपरेशन चलाया। जेसीबी और पोकलेन मशीनों से 35 फुट की खुदाई के बाद बोरवेल के गड्ढे तक सुरंग बनाकर उसमें लकड़ी के पटटे लगाए गए, ताकि अभि कहीं 30 फुट से नीचे न सरक जाए।

शनिवार दोपहर 1:30 बजे जैसे ही बीएसएफ व एसडीआरएफ की टीमों ने सुरंग से अभि को बाहर निकाला तो समूचे क्षेत्र में हजारों लोगों की आंखों में खुशी की चमक दिखाई दी, तुरंत उसे एंबुलेंस से डबरा अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भेजा, वहां चिकित्सकों की टीम ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिला कलेक्टर  डॉक्टर संजय गोयल और एसएसपी हरिनारायण ने अभि की मौत की पुष्टि की।
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जल संसाधन मंत्री स्वयं मौके पर पहुंचे

- फोटो : ब्यूरो/ ग्वालियर
इससे पूर्व शनिवार सुबह मध्यप्रदेश के जनसंपर्क व जल संसाधन मंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा स्वयं मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाने को कहा। इस दौरान उन्होंने बताया कि सबसे पहली हमारी प्राथमिकता अभि को बचाने की है, हमने डॉक्टर, एंबुलेंस आदि की व्यवस्था कर दी है, जरूरत पड़ी तो अभि को एयर एंबुलेंस से दिल्ली भी भेजा जा सकता है। बाद में वह भी अभि की मौत से दुखी दिखे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने अभि के परिवारीजनों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। बोरवेल में गिरने के एक घंटे बाद ही अभि की मौत हो गई थी। यह जानकारी चिकित्सकों ने जिलाधिकारी को दी।

अभि की जिंदगी के लिए पूरे प्रदेश में रात से ही दुआओं का दौर चल रहा था। उज्जैन के महाकाल मंदिर में महामृत्युंजय मंत्र का पाठ भी किया गया। लेकिन उसकी जिंदगी की डोर तो यह सुबह शुरू होने से पहले ही टूट गई थी।
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