पाकिस्तान के राजदूत अब्दुल बासित ने इस बात से इंकार किया है कि पाकिस्तानी सेना भारत के साथ संबंध तय करती है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ रिश्ते संचालन की भूमिका नवाज शरीफ ही निभा रहे हैं। बासित की ये टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि भारत में विदेश नीति विशेषज्ञों को लगता है कि पाकिस्तानी सेना ही विरोध या बातचीत तय करती है।
पीटीआई को दिए इंटरव्यू में बासित ने स्पष्ट रूप से कहा कि दोनों देश द्विपक्षीय संबंध से बच नहीं सकते। वे हमेशा शत्रुता में नहीं रह सकते। उन्होंने कहा, "हम बहुत खुश हैं कि हमारी सेना दुनिया में सर्वश्रेष्ठ सेनाओं में से एक है। साथ ही हमारे लोकतंत्र ने पिछले 8- 9 वर्षों के दौरान गहरी जड़ें जमाई है और मुझे कोई संदेह नहीं है कि हमारे निर्वाचित प्रधान मंत्री विदेश नीति बनाने के मामले में ड्राइवर सीट पर बैठे हैं। पाकिस्तान में असैन्य पक्ष ही फैसले लेता है।"
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बासित ने आगे कहा कि भारत सहित सभी लोकतांत्रिक देशों में सभी पक्षों से जानकारी लेते हैं और ऐसा ही हम पाकिस्तान में भी करते हैं। इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है। भारत के साथ हमारे रिश्ते हमारी विदेश नीति का महत्वपूर्ण भाग हैं। पाकिस्तानी उच्च आयुक्त ने यह भी कहा कि भारत-पाक संबंधों में पैटर्न "एक कदम आगे और दो कदम पीछे" का है। इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि दोनों देशों के लिए बातचीत के लिए दरवाजे खुले रखना निश्चित रूप से दोनों पक्षों की जिम्मेदारी है। हम हमेशा के लिए शत्रुता के साथ नहीं रह सकते।' उन्होंने यह भी कहा कि वो आश्वस्त है कि जितनी जल्दी हो दोनों देशों को बातचीत करनी चाहिए।