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Plane Crash: 'अहमदाबाद त्रासदी ने डरावनी यादें ताजा कीं', कोझिकोड विमान हादसे में बाल-बाल बचे आशिक

Sat, 14 Jun 2025 02:51 PM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

कोझिकोड हवाई अड्डे पर 2020 में हुए विमान हादसे में बाल-बाल बचे आशिक ने अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद में हाल ही में हुए विमान हादसे की खबर देखी, तो उनकी डरावनी यादें फिर से ताजा हो गईं। 
 
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अहमदाबाद विमान हादसा। (फाइल) - फोटो : ANI
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विस्तार
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कोझिकोड हवाई अड्डे पर 2020 में हुए विमान हादसे में बाल-बाल बचे आशिक ने कहा कि आज भी वह पांच साल पहले हुए हादसे की डरावनी यादों से पूरी तरह से बाहर नहीं निकल पाए हैं। लेकिन जब उन्होंने अहमदाबाद में हाल ही में हुए विमान हादसे की खबर देखी, तो उनकी डरावनी यादें फिर से ताजा हो गईं। 

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आशिक ने बताया कि कोझिकोड हवाईअड्डे पर हुए हादसे के दौरान जोर की आवाजें आईं। बच्चे चीखने लगे और पीछे से साथी यात्री भगवान से प्रार्थना कर रहा था। ये सब अब भी मेरे बुरे सपनों में आते हैं। 

उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया था एअर इंडिया का विमान
बृहस्पतिवार को अहमदाबाद से लंदन जा रहा एअर इंडिया का विमान AI-171 उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान में चालत दल के सदस्यों समेत कुल 242 लोग सवार थे, जिसमें से सिर्फ एक व्यक्ति की जान बची। इस दुखद घटना ने आशिक जैसे कई लोगों के दिमाग में कोझिकोड विमान दुर्घटना की भयावहता को फिर से ताजा कर दिया है। 
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विमान हादसे के दृश्य दर्दनाक थे
कोझिकोड विमान हादसे में बाल-बाल बचे आशिक ने एक साक्षात्कार में कहा कि जब से मुझे अहमदाबाद में विमान दुर्घटना के बारे में पता चला है, तब से मेरा मन बहुत व्यथित है। टीवी पर दिखाए गए दृश्य वाकई दर्दनाक थे। ऐसा लगा जैसे हम फिर से वही सब झेल रहे हैं। उन्होंने बताया कि अहमदाबाद में विमान उड़ान भरते ही हादसे का शिकार हुआ, जबकि कोझिकोड में हादसा लैंडिंग के तुरंत बाद हुआ था।

कोझिकोड विमान हादसे में गई थी 21 लोगों की जान
गौरतलब है कि 7 अगस्त 2020 को दुबई से आ रहा एअर इंडिया एक्सप्रेस का B737 विमान भारी बारिश के बीच कोझिकोड एयरपोर्ट पर लैंड करते समय रनवे से फिसलकर घाटी में गिर गया था। विमान दो टुकड़ों में टूट गया था और हादसे में दोनों पायलटों समेत 21 लोगों की जान चली गई थी। इस विमान में 190 लोग सवार थे। 

कोविड के चलते मजबूरी में भारत लौट रहे थे लोग
आशिक ने याद करते हुए कहा कि उस समय कोविड की वजह से सभी यात्री पहले से ही परेशान थे। कई लोगों की नौकरियां चली गई थीं और वे मजबूरी में भारत लौट रहे थे। सबने मास्क और पीपीई किट पहन रखी थी, जिससे एक-दूसरे को पहचान पाना भी मुश्किल था। सभी लोग बीमारी के डर से डरे हुए थे, इसलिए कोई वॉशरूम तक इस्तेमाल नहीं कर रहा था। 

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विमान लैंड होने पर राहत महसूस हुई, लेकिन..
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आशिक ने कहा कि जब विमान लैंड होने लगा, तो सबको राहत महसूस हुई। लेकिन जैसे ही विमान जमीन पर आया, वह दोबारा ऊपर उठ गया और कुछ देर बाद फिर लैंडिंग की कोशिश की। तभी अचानक एक जोर की आवाज आई। उन्होंने कहा कि कुछ बच्चे अपनी मां की गोद से गिर गए। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। पीछे से कोई प्रार्थना कर रहा था। मैं डर के मारे अपने भाई से लिपट गया। अगले कुछ सेकंड में जो हुआ, वह हमारी कल्पना से परे था। 

शुक्र है विमान में आग नहीं लगी
आशिक ने आगे बताया कि जब उन्हें होश आया तो आंखें खोलीं। चारों ओर बारिश हो रही थी। उन्होंने कहा कि शुक्र है विमान में आग नहीं लगी। स्थानीय लोग, जो खुद भी कोविड से डरे हुए थे, हमारी मदद के लिए दौड़ पड़े और हमें प्राथमिक इलाज दिया। इसी से हमारी जान बची।

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