आरोग्य सेतु एप को लेकर केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने इलेक्ट्रॉनिक मंत्रालय के तहत आने वाले एनआईसी की खिंचाई करते हुए पूछा कि उसकी वेबसाइट पर का नाम है, लेकिन इसके बारे में कोई जानकारी क्यों नहीं है।
सीआईसी ने एनआईसी को लिखित जवाब देने को कहा है कि अगर उनके पास कोई जानकारी नहीं थी तो कैसे जीओवी डॉन इन डोमेन के साथ वेबसाइट को डिजाइन किया। सिर्फ एप बनाने के बारे में ही नहीं, बल्कि इसकी फाइलें बनाने की जानकारी तक नहीं है। लोगों का निजी डाटा का दुरुपयोग हुआ या नहीं इसको लेकर कोई उपायों के बारे में भी जानकारी नहीं है।
आयोग में सौरव दास ने शिकायत कर दावा किया था कि एनआईसी, नेशनल ई गवर्नेंस डिविजिन (एनईजीडी), इलेक्ट्रॉनिक व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के पास एप को लेकर कोई जानकारी नहीं है। लॉकडाउन के दौरान एप को करोड़ों लोगों ने डाउनलोड किया गया।
यहां तक कि रेस्टोरेंट, मेट्रो स्टेशन, सिनेमा हॉल में प्रवेश करने के लिए एप डाउनलोड करना आवश्यक है, इसके बावजूद न तो एनआईसी और न ही मंत्रालय के पास एप बनाने को लेकर कोई जानकारी है।
एप की सुरक्षा को लेकर पहले भी उठे हैं सवाल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी एप की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा चुके हैं। राहुल ने आरोप लगाया था, आरोग्य सेतु एप निगरानी सिस्टम है, जिसे निजी ऑपरेटर से आउटसोर्स किया गया है। इसमें कोई संस्थागत निरीक्षण नहीं है, जो गंभीर डाटा सुरक्षा व निजता की चिंता को बढ़ाता है।