Alpasi Arattu procession of Sree Padmanabhaswamy Temple
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श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर का अल्पासी अरट्टू जुलूस आज तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे से गुजरा। जुलूस की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए हवाई अड्डा रात 9 बजे तक पांच घंटे बजे तक बंद रहा। हवाई अड्डे पर पांच घंटे के लिए उड़ान संचालन निलंबित कर दिया गया था और कई सेवाओं को दोबारा निर्धारित किया गया था। हवाई अड्डा सूत्रों ने बताया कि तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस और एयर अरेबिया समेत प्रमुख विमानन कंपनियों की कम से कम 10 उड़ानों के समय में बदलाव किया गया क्योंकि सेवाएं शाम चार बजे से रात नौ बजे तक ठप रहीं।
दशकों से इस परंपरा के चलते हर साल दो बार हवाई अड्डा परिचालन और उड़ानों का फिर से निर्धारण किया जाता है ताकि मंदिर के द्वि-वार्षिक सदियों पुराने औपचारिक जुलूस को रनवे से गुजरने में सक्षम बनाया जा सके। मूर्तियों के पवित्र स्नान के लिए शांगमुघम समुद्र तट तक पहुंचने के मार्ग से गुजरने वाले मंदिर के जुलूस की प्रथा सदियों पहले शुरू हुई थी और यह 1932 में हवाई अड्डे की स्थापना के बाद भी जारी है।
इतिहासकारों के अनुसार, जब हवाई अड्डे का निर्माण विशेष स्थान पर किया गया था, तब त्रावणकोर के राजा श्री चिथिरा थिरुनाल ने यह स्पष्ट कर दिया था कि आम जनता के लिए यह सुविधा साल में 363 दिन और शाही परिवार के देवता भगवान पद्मनाभ के लिए दो दिनों के लिए खुली रहेगी।
अडानी समूह द्वारा पिछले साल हवाई अड्डे का प्रबंधन अपने हाथ में लेने के बाद भी शाही युग की रस्म जारी है। हवाई अड्डा अक्टूबर-नवंबर में पड़ने वाले द्वि-वार्षिक अल्पासी उत्सव और मार्च-अप्रैल में पंगुनी उत्सव के दौरान रनवे बंद होने से पहले हर साल दो बार एक NOTAM (नोटिस टू एयरमेन) जारी करता है।