आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि भाजपा शासित नगर निगमों में पर्याप्त मात्रा में कचरे का निस्तारण नहीं हो रहा है। इस कारण दिल्ली में जगह-जगह कूड़े का अंंबार लगता जा रहा है।
पार्टी ने दावा किया है कि पूर्वी दिल्ली नगर निगम से रोज लगभग 2800 टन कचरा निकलता है, लेकिन इसमें से केवल 1300 टन कचरे का ही निपटारा किया जा रहा है। इसी प्रकार दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के 3600 टन कचरे में से 1600 टन और उत्तरी दिल्ली नगर निगम के 4000 टन रोजाना निकलने वाले कचरे में केवल 2000 टन कचरे का ही निपटान हो रहा है। आप का कहना है कि इस कारण दिल्ली कचरे का ढेर बनती जा रही है।
आम आदमी पार्टी के नगर निगम प्रभारी दुर्गेश पाठक ने मंगलवार को कहा कि भाजपा को नगर निगमों का शासन चलाते हुए लगभग 15 साल हो गए हैं, लेकिन इसके बाद भी अभी तक वह निगम की क्षमता को इतना विकसित नहीं कर पाई है कि दिल्ली से निकलने वाले कचरे का रोजाना निस्तारण हो पाए। यही कारण है कि दिल्ली में जगह-जगह पर कचरे का ढेर बढ़ता चला जा रहा है।
आप नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा नगर निगमों में केवल भ्रष्टाचार करती है जिसके कारण वह प्रशासनिक कार्यों में ध्यान नहीं देती। इसका परिणाम हुआ है कि वह कर्मचारियों का वेतन तक नहीं दे पाती और आए दिन कर्मचारियों को अपना ही वेतन पाने के लिए हड़ताल करना पड़ती है। इसके बाद भी भाजपा उन्हें वेतन नहीं दे पाती है। दुर्गेश पाठक ने कहा कि अब समय आ गया है कि भाजपा को नगर निगमों से त्यागपत्र देकर निकल जाना चाहिए।
आप नेता ने कहा कि दिल्ली की जनता भाजपा से किस तरह नाराज है, इसका अंदाजा निगम के उपचुनावों में ही लग गया था जब उसे पांच में से एक भी सीट हासिल नहीं हुई। इससे साफ लगता है कि जनता ने उसे निगमों की सत्ता से बाहर करने का मन बना लिया है। लगभग एक साल बाद चुनाव होगा तो भाजपा को एक बार फिर करारी हार का सामना करना पड़ेगा।