आम आदमी पार्टी ने दावा किया है कि उसके विधायकों महेंद्र गोयल और जय भगवान को फर्जी आधार कार्ड बनवाने के मामले में जांच एजेंसी ने केवल एक गवाह के तौर पर बुलाया था। उन्हें अपराधी नहीं बताया गया है। लेकिन पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर यह आरोप लगाया था कि आम आदमी पार्टी के दोनों विधायक फर्जी आधार कार्ड बनवाने के मामले में लिप्त पाए गए हैं। आम आदमी पार्टी ने कहा है कि यह सरासर झूठ है और वह इन नेताओं के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करवाएगी। आप पार्टी ने भाजपा पर उसे बदनाम करने का आरोप लगाया है।
आम आदमी पार्टी नेता और सांसद संजय सिंह ने सोमवार को एक प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि भाजपा के केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी खुद स्वीकार चुके हैं कि उनकी केंद्र सरकार ने रोहिंग्याओं को दिल्ली के बक्करवाला में बसाया है। लेकिन उलटे भाजपा नेता इस मामले में आम आदमी पार्टी के विधायकों को आरोपी बता रहे हैं जो सरासर झूठ है। संजय सिंह ने कहा कि इस मामले में स्मृति ईरानी और सुधांशु त्रिवेदी दोनों के खिलाफ मानहानि का केस किया जाएगा।
इसके पहले आम आदमी पार्टी प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा था कि पिछले 11 साल से केंद्र में भाजपा की सरकार है। केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय को बताना चाहिए कि बांग्लादेशी भारत में कैसे प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि यदि कड़ी निगरानी के बाद भी अवैध बांग्लादेशी भारत में प्रवेश कर रहे हैं तो इस मामले में केंद्रीय एजेंसियों को जिम्मेदार ठहराना चाहिए और जिम्मेदार लोगों से पूछताछ की जानी चाहिए।
भाजपा का आरोप
भाजपा का आरोप रहा है कि अरविंद केजरीवाल-आतिशी सरकार दिल्ली में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्याओं को दिल्ली में बसाने का काम कर रही है। आम आदमी पार्टी नेता अमानतुल्लाह खान ओखला में एक स्थान पर रोहिंग्याओं को बसाते और उन्हें पैसे बांटते देखे गए थे। भाजपा नेता शहजाद का आरोप है कि वे उन्हें बसाते हैं और बाद में फर्जी वोट बनवाकर उन्हें वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल करते हैं।
इन इलाकों में भी बसे बांग्लादेशी
जाफराबाद, सीलमपुर, शास्त्री पार्क, ओखला, जहांगीरपुरी, बदरपुर, भजनपुरा और सोनिया विहार की झुग्गी-झोपड़ियों में भारी संख्या में बांग्लादेशी रहते हैं। इनमें कुछ वैध दस्तावेज पर भारत आए हैं तो कुछ अवैध तरीके से भारत में प्रवेश कर दिल्ली तक पहुंच गए हैं। इसी तरह अवैध रोहिंग्या भी दिल्ली सहित देश के अनेक इलाकों में रहते हैं। लेकिन सरकार की किसी एजेंसी के द्वारा अभी तक इनकी सटीक संख्या और स्थिति के बारे में कोई रिपोर्ट जारी नहीं की गई है। यही कारण है कि समय-समय पर इनको लेकर राजनीति होती रहती है।
अंतरराष्ट्रीय समझौतों के कारण केंद्र सरकार ने कई रोहिंग्या परिवारों को भारत में शरण दे रखी है। इसी तरह वैध तरीके से भारी संख्या में बांग्लादेशी भी भारत में रह रहे हैं। लेकिन भारत के साथ पड़ोसी देश से बिगड़ते रिश्तों के कारण ये भी राजनीति के केंद्र में आ गए हैं। सर्वोच्च अदालत ने भी कई बार इन्हें दिल्ली की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बता चुकी है। लेकिन फिलहाल दिल्ली की सियासत में इन पर भी जमकर बाण चल रहे हैं।