आम आदमी पार्टी ने पंजाब सरकार पर कोरोना वैक्सीन का घोटाला करने का आरोप लगाया है। इन आरोपों को लेकर आज आम आदमी पार्टी ने पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री के घर का घेराव किया और उनसे वैक्सीन के घोटाले के लिए पंजाब की जनता से माफी मांगने की अपील की।
आप नेता जय कृष्ण रेड्डी ने कहा कि एक तरफ जहां पंजाब के लोगों को वैक्सीन नहीं मिल रही है, वहीं उसी वैक्सीन को प्राइवेट अस्पतालों को महंगी कीमतों पर बेचा जा रहा है। बड़े अस्पताल इन्हीं वैक्सीन को बेचकर भारी मुनाफा कमा रहे हैं और इसकी कीमत पंजाब के लोगों को चुकानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में तत्काल गिरफ्तारी की जानी चाहिए।
जो टीका मुफ्त देना था, उसे ऊंचे दामों पर बेचा गया, जांच हो: भाजपा
केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता हरदीप सिंह पुरी ने इस मामले में जांच की मांग करते हुए कहा, राहुल और सोनिया गांधी कहते रहते हैं कि हमें टीकों का निर्यात नहीं करना चाहिए। राहुल पूछते हैं कि हमारे बच्चों के टीके कहां हैं? राजस्थान में वे कचरे में हैं, और पंजाब में उनका इस्तेमाल मुनाफाखोरी के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, पंजाब में लोगों को मुफ्त में टीका दिया जाना चाहिए था, मगर उसे ऊंचे दामों पर निजी अस्पतालों को बेचा गया। कोविशील्ड की एक खुराक 309 रुपये में खरीदी गई और उसे 1,560 रुपये में बेचा गया। पंजाब सरकार के टीकाकरण अधिकारियों ने बताया था कि 13.25 करोड़ रुपये में कोविशील्ड की 4.29 लाख खुराक खरीदी गई, जो प्रति खुराक औसतन 309 रुपये में पड़ रही है। वहीं, कोवाक्सिन की 1,14,190 खुराक 4.70 करोड़ में खरीदी गई, जो प्रति खुराक औसत 412 रुपये में पड़ती है।
मायावती ने कहा- टीके पर कांग्रेस नेतृत्व का बयान नाटकबाजी
बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि पंजाब की कांग्रेस सरकार ने केंद्र से 400 रुपये में टीका खरीद कर निजी अस्पतालों को 1,060 रुपये में बेचकर लाभ कमाया। पंजाब सरकार का आपदा में मुनाफा कमाने का यह कृत्य बहुत ही अशोभनीय, अमानवीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। कोरोना टीके को लेकर कांग्रेस नेतृत्व द्वारा उठाए गए कदमों और बयान में गंभीरता का अभाव है। यह केवल नाटकबाजी है। लिहाजा केंद्र सरकार को इसका उचित संज्ञान लेना चाहिए।