आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने बुधवार को इंडिगो संकट को लेकर नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) पर निशाना साधा। न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए एक साक्षात्कार में राघव चड्ढा ने कहा कि मैंने करीब एक साल पहले ही संसद में विमानन क्षेत्र को लेकर बात की थी। उन्होंने कहा कि मैंने इस दौरान कई मुद्दे उठाए थे।
AAP सांसद ने कहा, 'हवाई अड्डों पर महंगा खाना, बढ़ती उड़ान दरें और सबसे जरूरी, जो आज के संदर्भ में बेहद प्रासंगिक है, वह था कि भारत का विमानन क्षेत्र एकाधिकार की स्थिति से जूझ रहा है।'
राघव चड्ढा ने कहा, 'सभी उड़ानें एयर इंडिया या इंडिगो की ओर से चलाई जाती हैं। इंडिगो भारत के विमानन क्षेत्र के 70 फीसदी हिस्से को नियंत्रित करती है। इससे उन्हें इतनी ज्यादा सौदेबाजी की ताकत या सीधे शब्दों में कहें तो, ब्लैकमेल करने की ताकत मिलती है कि वह सरकार या डीजीसीए को घुटने टेकने पर मजबूर कर सकते हैं।'
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उन्होंने कहा, 'फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन नियम, जिनके कारण भारतीय यात्रियों को इन सभी समस्याओं का सामना करना पड़ा, जनवरी 2024 में लागू किए गए थे। इसका मतलब है कि डीजीसीए और एयरलाइंस के पास इन्हें लागू करने के लिए करीब दो साल का समय था, फिर भी हम असफल रहे।'
राघव चड्ढा ने कहा, 'डीजीसीए अधिक सक्रियता से काम कर सकता था। यह एक मुक्त बाजार है, इसमें कोई संदेह नहीं है। लेकिन इस क्षेत्र को इस तरह से खोला जाना चाहिए, जिससे अन्य कंपनियों को भी विमानन क्षेत्र में प्रवेश करने और भाग लेने के लिए प्रोत्साहन मिले।'
संसद में एआई का मुद्दा उठाने पर आप सांसद राघव चड्ढा ने कहा, 'इसके पीछे कोई राजनीतिक रणनीति नहीं है। एआई आने वाले युग को परिभाषित करेगा और जहां हम 'मेक इन इंडिया' की बात करते हैं, वहीं 'मेक एआई इन इंडिया' की बात करना भी उतना ही जरूरी है। एआई की शक्ति से संपन्न देश अगले दशक की वैश्विक महाशक्ति होगा।'
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