वीडियोग्राफी कर संसद की सुरक्षा से समझौता करने और शराब पी कर सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने जैसे गंभीर आरोपों से घिरे आम आदमी पार्टी सांसद भगवंत मान के भविष्य का फैसला सोमवार को होगा।
स्पीकर सुमित्रा महाजन सीधे कोई फैसला न कर इस मामले को लोकसभा की आचार समिति को भेज सकती हैं। गौरतलब है कि वीडियोग्राफी मामले में सभी दलों ने एकजुट हो कर मान की सदस्यता रद्द करने की मांग की थी।
मामले के तूल पकड़ने के बाद मान ने हालांकि माफी मांगते हुए वीडियो को अपने फेसबुक पेज से हटा लिया था, मगर स्पीकर ने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए कहा था कि महज माफी मांगने से ही इस मामले का हल संभव नहीं है।
स्पीकर कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक हालांकि सभी दल एकजुट हो कर मान की बर्खास्तगी की मांग कर रहे हैं। इनका कहना है कि यह विशेषाधिकार और एथिक्स का मामला न हो कर सीधे सीधे सुरक्षा से समझौता का मामला है।
ऐेसे में सीधे मान की सदस्यता रद्द कर देनी चाहिए। हालांकि स्थिति यह है कि मान ने ऐसा कर लोकसभा के नियम 334 ए और 332 का उल्लंघन किया है। यह नियम प्रचार हासिल करने और संसद भवन में किसी तरह की रिकार्डिंग या वीडियोग्राफी से जुड़ा है। ऐसे में चूंकि नियम तोड़ा गया है, इसलिए पूरी संभावना इस मामले को आचार समिति को भेजे जाने की है।
गौरतलब है कि संसद भवन में वीडियोग्राफी मामले में संसद के दोनों सदनें में शुक्रवार को हुए हंगामे के कारण कार्यवाही ठप रही थी। सभी दलों ने एक सुर में मान की सदस्यता खत्म करने की मांग की थी। इसी बीच आप के ही एक निलंबित सांसद ने मान के शराब पी कर सदन में आने की स्पीकर से शिकायत कर दी। स्पीकर ने भी इस आशय की शिकायत मिलने की पुष्टि की थी।