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आम आदमी पार्टी के उत्तराखंड कूच ने कांग्रेस की चिंता बढ़ाई

Thu, 31 Dec 2020 04:30 AM IST
देव कश्यप अनूप वाजपेयी, नई दिल्ली
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आप और कांग्रेस (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
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आम आदमी पार्टी (आप) के उत्तराखंड कूच ने कांग्रेस नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के एक दर्जन दिग्गज नेताओं के भाजपा में चले जाने के बाद उसे 2022 के चुनाव में भी अपने कुछ अन्य नेताओं को बचाए रखने की चुनौती है। जिन पर आम आदमी पार्टी डोरे डाल रही है। कांग्रेस दिल्ली की तरह उत्तराखंड में अपना जनाधार कतई शिफ्ट नहीं होने देना चाहती है।

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दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की राजनीतिक रेकी के बाद कांग्रेस की सतर्कता बढ़ी है। उत्तराखंड में दिल्ली न दोहराया जाए यही कारण है पार्टी ने दिल्ली के पूर्व विधायक देवेंद्र यादव को राज्य का प्रभारी बनाकर भेजा है। वहीं प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं से लगातार फीडबैक मांगा जा रहा है। भाजपा ने 2017 में उत्तराखंड जीतने के लिए कांग्रेस के ही दिग्गज नेताओं और चेहरों को आगे किया, जिनकी जमीनी हैसियत थी।


दिल्ली में बड़ा नुकसान उठा चुकी कांग्रेस कतई नहीं चाहती कि उत्तराखंड में तीसरे दल की घुसपैठ हो और उसकी राजनीतिक जमीन पर फसल कोई और काटे। कई बदलाव और प्रयोग के बाद भी खोई जमीन वापस नहीं ला पाई है। नेतृत्व की ओर राज्य इकाई को आगाह किया गया है। कोई चूक न हो इसके लिए हर विधानसभा में चुनाव के संभावित चेहरों और मजबूत विकल्प भी रखने को कहा जा रहा है।
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वहीं, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह कतई नहीं मान रहे कि आप के आने पार्टी को कुछ नुकसान होगा। उनका कहना है कि दिल्ली और उत्तराखंड में फर्क है। वह आश्वस्त हैं कि उत्तराखंड के लोगों ने हमेशा दो दलों के बीच फैसला दिया तीसरे विकल्प के तौर पर यूकेडी, बसपा जैसे दलों ने पांव जमाने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। उनका कहना है कि आम आदमी पार्टी को उत्तराखंड की सभी 70 विधानसभा में उम्मीदवार मिलना मुश्किल है।

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