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Ahmedabad Crash: 'जांच से पहले निष्कर्ष निकालना गैर-जिम्मेदाराना', विदेशी मीडिया के भ्रामक कवरेज पर AAIB

Thu, 17 Jul 2025 06:48 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Air India Plane Crash: विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने गुरुवार को एअर इंडिया विमान पर असत्यापित रिपोर्टिंग के लिए अंतरराष्ट्रीय मीडिया की आलोचना की और कहा कि इस तरह की कार्रवाई गैर-जिम्मेदाराना है। ब्यूरो ने कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों, चालक दल के सदस्यों और अन्य लोगों के परिवारों की संवेदनशीलता का सम्मान करना जरूरी है, क्योंकि त्रासदी की जांच अभी भी जारी है।
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एअर इंडिया विमान हादसे का मलबा - फोटो : ANI
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विस्तार
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अहमदाबाद में हुए एअर इंडिया विमान हादसे को लेकर कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों की तरफ से लगातार फैलाए जा रहे असत्य और अपुष्ट दावों पर भारत की विमान दुर्घटना जांच एजेंसी एएआईबी ने कड़ी आपत्ति जताई है। एजेंसी ने इसे गैर-जिम्मेदाराना और जांच की निष्पक्षता को नुकसान पहुंचाने वाला बताया है। एएआईबी की यह प्रतिक्रिया द वॉल स्ट्रीट जर्नल की उस रिपोर्ट के बाद आई है, जिसमें दावा किया गया कि दुर्घटनाग्रस्त हुए विमान के कॉकपिट रिकॉर्डिंग में एक पायलट की तरफ से जानबूझकर इंजन में ईंधन की आपूर्ति बंद करने की बात सामने आई है।
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यह भी पढ़ें - Air India Crash: 'पारदर्शी जांच से पहले दोष मढ़ना गैर-जिम्मेदाराना', एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट से FIP चिंतित

मनगढ़ंत निष्कर्ष निकालने की कोशिश- एएआईबी
एएआईबी ने अपने बयान में कहा, 'हमने देखा है कि कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थाएं जांच पूरी होने से पहले ही मनगढ़ंत निष्कर्ष निकालने की कोशिश कर रही हैं। यह बेहद गैर-जिम्मेदाराना है।' एजेंसी ने कहा, 'जांच अभी पूरी नहीं हुई है। ऐसे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। कृपया भ्रामक सूचनाएं फैलाने से बचें, क्योंकि इससे जांच की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। अंतिम रिपोर्ट में ही हादसे के असली कारणों और सुधार की सिफारिशों का खुलासा किया जाएगा।'
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विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने अपने पत्र में कहा, एएआईबी विमान (दुर्घटनाओं और घटनाओं की जांच) नियम, 2017 के अनुसार काम करता है और भारत सरकार के दायित्वों को पूरा करने के लिए जिम्मेदार है। एएआईबी के पास 2012 में अपनी स्थापना के बाद से 92 दुर्घटनाओं और 111 गंभीर घटनाओं की जांच करने का एक त्रुटिहीन रिकॉर्ड है। अब भी, दुर्भाग्यपूर्ण एयर इंडिया के बी787-8 विमान वीटी-एएनबी की जांच के अलावा, कई अन्य दुर्घटनाओं और गंभीर घटनाओं की जांच चल रही है।

एएआईबी की पहली रिपोर्ट में क्या है?
12 जून को अहमदाबाद में एअर इंडिया के विमान हादसे की जांच कर रही एएआईबी ने अपने प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया कि हादसे वाले बोइंग ड्रीमलाइनर विमान के दोनों इंजन टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद बंद हो गए क्योंकि ईंधन की आपूर्ति रुक गई थी। एअर इंडिया विमान के ब्लैक बॉक्स की जांच में पता चला कि उड़ान के अंतिम क्षणों में, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर से पता चला कि एक पायलट को दूसरे से यह पूछा कि उसने ईंधन स्विच को बंद क्यों किया? इस पर दूसरे पायलट ने जवाब दिया कि उसने ऐसा नहीं किया। जांच में पता चला कि उड़ान भरने के तुरंत बाद ईंधन स्विच कटऑफ में बदल गए थे, जिससे विमान के इंजनों में ईंधन की आपूर्ति रुक गई। जो हादसे के मुख्य वजहों में एक माना जा रहा है।
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हादसे की जांच करने वाली टीम कौन-कौन?
विमान हादसे की जांच का नेतृत्व विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) के निदेशक संजय कुमार सिंह कर रहे हैं। इस टीम में अन्य प्रमुख सदस्य जसबीर सिंह लर्घा (मुख्य जांचकर्ता) हैं, इसके साथ ही डीजीसीए के तीन अधिकारी विपिन वेणु वरकोथ, वीरराघवन के. और वैष्णव विजयकुमार भी शामिल हैं।

यह भी पढ़ें - Air India Crash: 'स्टेबलाइजर खराबी की भी होनी चाहिए जांच', एअर इंडिया हादसे की एक चौंकाने वाली थ्योरी आई सामने

अहमदाबाद में एअर इंडिया विमान हादसा
एअर इंडिया की फ्लाइट संख्या एआई171, जो 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही थी, अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस विमान हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई, जबकि सिर्फ एक व्यक्ति जीवित बचा (मृतकों में विमान में सवार 241 लोग, जमीन और इमारत में मौजदू 19 अन्य नागरिक भी शामिल हैं)। घटना के वक्त विमान में 169 भारतीय नागरिक, 53 ब्रिटिश नागरिक (एक जीवित बच गया), सात पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक भी शामिल है।

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