कोरोना वायरस से निपटने के लिए देश में अब टीकाकरण का कार्य शुरू हो जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि अगले दस दिनों में कोरोना का टीका लगना शुरू हो जाएगा। लेकिन वैक्सीन को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं, कि ये वैक्सीन कैसे लगेगी, इसके लिए रजिस्ट्रेशन कैसे किया जाएगा, ऐसे में इनके सवाल ढूंढना बेहद जरूरी हो जाता है।
बता दें कि टीकाकरण को सुचारू रूप से कराने, दुरुपयोग से बचने और पूरा डाटा एक जगह सुरक्षित करने के लिए सरकार कोविन एप तैयार कर रही है। इसमें आधार सत्यापन के साथ साथ कम से कम 12 भाषाओं में एसएमएस भेजकर टीकाकरण की पुष्टि होगी। कोविन एप डिजीलॉकर की तरह पूरी जानकारी को सुरक्षित भी रखेगा। हालांकि इसमें हेल्थवर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स को रजिस्टर करने की जरूरत नहीं है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कोविन एप कैसे टीकाकरण प्रक्रिया का पूरा ब्योरा रखेगा...
- केंद्र सरकार की ओर से कोविन एप लॉन्च किया जाएगा, जिसे आप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं।
- डाउनलोड करने के बाद इसमें पूरी जानकारी डालनी होगी और वैक्सीन के लिए रजिस्टर करना होगा।
- कोविन एप में टीकाकरण का दुरुपयोग रोकने के लिए आधार सत्यापन होगा।
- एस एप के जरिए शख्स को एक यूनिक हेल्थ आइडेंटिटी देने की योजना है। इप्रतिकूल प्रभावों पर भी पूरी निगरानी रखी जाएगी, ताकि तत्काल संभव चिकित्सीय मदद मुहैया कराई जाए।
- टीकाकरण की प्रतीक्षासूची, प्रक्रिया में शामिल स्वास्थ्य कर्मियों को हर अपडेट एसएमएस पर दिया जाएगा, जो कि 12 भाषाओं में भेजा जाएगा। हर खुराक के बाद एमएसएमस पर एक क्यूआरकोड आधारित प्रमाणपत्र भी जारी होगा। जिसे लोग मोबाइल पर सेव कर सकते हैं।
- क्यूआर कोड आधारित प्रमाणपत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित रखने के लिए सरकारी दस्तावेज रखरखाव वाले एप डिजीलॉकर का भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके लिए 24 घंटे की हेल्पलाइन होगी।
- शुरुआत में कोविन एप पर पंजीकरण का अधिकार सिर्फ स्वास्थ्य सेवा के अधिकारियों को दिया गया है। आम व्यक्ति इस पर रजिस्टर नहीं कर सकेगा। कोविन एप पर अभी 75 लाख स्वास्थ्य कर्मियों का डाटा है। जिन्हें पहले सत्र में टीका दिया जाएगा।
- एप लॉन्च होने के बाद कोविन में पंजीकरण के तीन विकल्प होंगे। पहला पंजीकरण, दूसरा स्वत: पंजीकरण और तीसरा व्यक्तिगत पंजीकरण (यह स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा किया जाएगा)। अभी यह तय नहीं हुआ है कि व्यक्तिगत पंजीकरण कहां होगा। सरकार इसके लिए कैंप लगाएगी जहां लोग जाकर टीके के लिए पंजीकरण कर सकेंगे।
- 50 वर्ष से अधिक वाले लोगों का डाटा मतदाता सूची से अपलोड किया जाएगा। जिसके बाद इसे सार्वजनिक किया जाएगा जहां पात्र व्यक्ति अपना नाम देख सकता है। अगर सूची में उसका नाम नहीं है तो वह जिला व ब्लॉक स्तर पर जाकर अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा जिनकी उम्र 50 से कम है और उन्हें दिल की बीमारी या कैंसर है तो वह अपना मेडिकल सर्टिफिकेट अपलोड कर सकेंगे।
- सरकार ने सॉफ्टवेयर का सटीक इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए कई ड्राई रन कराए हैं। अब तक 700 जिलों के 90 हजार लोगों को इसका प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
- एप पर स्वास्थ्य कर्मियों और अन्य चिकित्सीय फ्रंटलाइन कर्मियों का डाटा अपलोड किया जा चुका है। इन्हें दोबारा पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं होगी।
- प्राथमिकता समूहों के लिए यह एप स्वचालित ढंग से टीकाकरण का स्लॉट आवंटित करेगा। इसमें जिला मजिस्ट्रेट को अपने यहां टीकाकरण सत्र की तारीख तय करने का अधिकार दिया जाएगा।