दो स्मार्टफोन में आधार हेल्पलाइन नंबर दिखा, बाकी तीन में नहीं.
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शुक्रवार को एक अजीब वाकया उस वक्त सामने आया, जब कुछ लोगों को अपने मोबाइल फोन की अड्रेस बुक में आधार नंबर जारी करने वाली यूनिक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) का टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003001947 नजर आने लगा। इस मामले ने जल्द ही सोशल मीडिया की राह पकड़ ली और वायरल की गति को प्राप्त हो गया।
यूआईडीएआई की ओर इस बारे में ट्विटर पर एक बयान भी जारी किया गया है, जिसमें बताया गया है कि मोबाइल नंबर पुराना हो चुका है। अथॉरिटी ने लिखा है कि यह टोलफ्री नंबर काफी पहले ही बंद हो चुका है और इसके स्थान पर अब केवल 1947 नंबर ही काम कर रहा है।
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यूआईडीएआई ने यह भी कहा है कि कतिपय लोगों द्वारा इस मामले को बेवजह तूल देते हुए आम नागरिकों को भ्रमित करने और डराने की कोशिश की जा रही है। लेकिन सोशल मीडिया पर उपयोगकर्ताओं ने निजता का मुद्दा उठाते हुए इसे लेकर चिंता जाहिर की है। अमर उजाला टीम ने जब इस मामले की पड़ताल की तो कुछ और ही सच सामने आया।
दरअसल, यह नंबर सभी स्मार्टफोन्स में नहीं दिख रहा है। जिन स्मार्टफोन्स में यह हेल्पलाइन नंबर नजर आ रहा है, उनमें से ज्यादातर ऐसे हैं, जिनकी फोन बुक गूगल अकाउंट से लिंक है या तकनीकी भाषा में कहें तो सिंक्रनाइज्ड है।
वहीं एंड्रॉयड स्मार्टफोन हर उपयोगकर्ता को गूगल अकाउंड बनाने और उसे फोन से लिंक करने के लिए कहता है। यदि आपके पास आधार कार्ड नंबर है और इसमें आपका ईमेल पंजीकृत है तो निश्चित रूप से आपके गूगल अकाउंट में इसका हेल्पलाइन नंबर 18003001947 भी सुरक्षित हो गया है। यदि आपका गूगल अकाउंट आपके एंड्रॉयड स्मार्टफोन से लिंक है तो आपकी अड्रेस बुक में भी यह नंबर जरूर दिखेगा।
इसलिए यदि आपके स्मार्टफोन में भी यह नंबर दिख रहा हो तो घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि आप उसे अपडेट करके 1947 कर सकते हैं।