हाल में सरकार ने आदेश जारी करते हुए कहा था कि लोग अपना आधार कार्ड हर हाल में बना लें। हाल में सरकार ने नोटिफिकेशन जारी करते हुए कहा था कि आगामी एक अक्तूबर से मृत्यु प्रमाण-पत्र तब जारी किया जाएगा जब मृतक के परिजन अधिकारियों को आधार नंबर मुहैया करा देते।
मामले में आरजीआई ने अधिसूचना जारी कर कहा है कि आवेदक को मृतक का आधार नंबर या एनरोलमेंट आइडी नंबर और मृत्यु प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन में मांगी गई जानकारियां देनी होंगी। ऐसा इसलिए क्योंकि मृतक की पहचान की जा सके। सरकार इस कदम के बाद हर किसी को आधार कार्ड बनवाना जरूरी हो गया है, क्योंकि मृतक प्रमाणपत्र के बाद किसी का कोई भी आधिकारिक दस्तावेज नहीं बनता।
हालांकि विवाद ज्यादा बढ़ने के बाद संबंधित आधिकारी ने इस पर सफाई देते हुए सरकार का रुख साफ किया है। अधिकारी केे मुताबिक अगर मृतक का आधार कार्ड नहीं है तो परिजनों को मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसा इसलिए जरूरी हो गया था क्योंकि इससे कुछेक लोग सब्सिडी और अन्य मिलने वाली सुविधाओंं के लिए मरे हुए लोगों के नाम का यूज कर लेते थे।