आधार कार्ड डेटा लीक मामले को लेकर बीते दो महीने से सुप्रीम कोर्ट में बहस चल रही है। बायोमैट्रिक डेटा लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार कई बार फंसती रही है। अब केंद्र सरकार ने आधार मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पावर प्वाईंट प्रेजेंटेशन की बात कही है। अटॉर्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है कि वह आधार मामले में हस्तक्षेप करें और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के सीईओ द्वारा बनाई गई पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन को देखें।
अटॉर्नी जनरल के पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के आग्रह को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर भी कर लिया है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा बुधवार को सुनवाई के दौरान कहा कि वो बताएंगे कि ये प्रेजेंटेशन कब हो सकता है। इस पर अटॉर्नी जनरल ने बताया कि गुरुवार को प्रजेंटेशन किया जा सकता है। सरकार का दावा है कि आधार कार्ड पूरी तरह से सुरक्षित है और लोगों के अंदर जो नंबर लीक होने की आशंका और भय है उसे भी दूर किया जा सके।
बुधवार को आधार की सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि आधार कार्ड के निर्माण में उचित सुरक्षा उपायों को अपनाया गया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि डेटा किसी भी रूप में लीक नहीं हो सकता है।
बता दें कि कुछ दिन पहले अंग्रेजी अखबार ट्रिब्यून की पत्रकार द्वारा 500 रुपये में आधार की पूरी जानकारी लीक होने का मामला उठाया था। मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि किस तरह से व्हाट्सएप के जरिए महज 500 रुपये में आधार की जानकारी मुहैया कराई जा रही है।
जिसके बाद आधार कार्ड की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठाए गए थे। तब भी प्राधिकरण ने बयान जारी कर कहा था कि आधार की कोई जानकारी लीक नहीं हो सकती है। प्राधिकरण ने दावा किया था ‘जैविक जानकारियों समेत आधार के डेटा पूरी तरह सुरक्षित हैं।’