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काले धन के खात्मे के लिए किया गया पैन के लिए आधार अनिवार्य

Wed, 03 May 2017 08:14 AM IST
amarujala.com, Presented By: मोहित
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पैन कार्ड जारी करने के लिए आधार को अनिवार्य बनाने के फैसले का बचाव करते हुए केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि ऐसा फर्जी पैन कार्ड के इस्तेमाल पर अंकुश लगाने के लिए किया गया है। साथ ही सरकार ने कहा कि इस फैसले से काले धन और आतंकी फंड पर लगाम लगाने में भी मदद मिलेगी। सरकार ने कहा है कि आधार ‘फुल प्रूफ’ है।
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केंद्र सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने न्यायमूर्ति एके सिकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ के समक्ष कहा कि फर्जी पैन कार्ड बनाया जा सकता है, लेकिन आधार पूरी तरह से सुरक्षित है। इससे छेड़छाड़ नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड फर्जी तरीके से नहीं बनवाया जा सकता।

अटॉर्नी जनरल ने बताया कि आधार से गरीबों को सरकारी लाभ पहुंचाने में मदद मिली है। पेंशन योजनाओं को बेहतर तरीके से अंजाम देने में भी सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि ऐसा कर सरकार ने करीब 50 करोड़ रुपये बचाए हैं।
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अब तक करीब 10 लाख पैन कार्ड रद्द किए जा चुके हैं

अटॉर्नी जनरल ने पीठ को बताया कि अब तक करीब 10 लाख पैन कार्ड रद्द किए जा चुके हैं। वहीं 113.7 करोड़ आधार कार्ड बनाए जा चुके हैं। अब तक सरकार को आधार में किसी तरह के फर्जीवाड़े का पता नहीं चला है। साथ ही उन्होंने कहा कि काले धन और आतंकी फंड पर लगाम लगाने में आधार बेहद कारगर है। सुनवाई बुधवार को भी जारी रहेगी।

मालूम हो कि शीर्ष अदालत तीन जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है, जिसमें आयकर अधिनियम में जोड़ी गई धारा-139एए की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है। वित्त अधिनियम, 2017 में इस धारा को जोड़ा गया है। इसके तहत आयकर रिटर्न भरने और पैन कार्ड बनवाने के लिए आधार को अनिवार्य किया गया है।

​सरकार का मानना है कि पैन और आयकर रिटर्न को आधार से लिंक करने से फर्जी वित्तीय खातों का पता लगाना आसान होगा। कोई भी व्यक्ति किसी भी नाम से पैन कार्ड बनवा सकता है। एक आदमी कई पैन कार्ड बनवा सकता है। फर्जी पैन कार्ड के जरिए फर्जी कंपनियों में फंड डायवर्ट किए जाते हैं।
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