पैन कार्ड जारी करने के लिए आधार को अनिवार्य बनाने के फैसले का बचाव करते हुए केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि ऐसा फर्जी पैन कार्ड के इस्तेमाल पर अंकुश लगाने के लिए किया गया है। साथ ही सरकार ने कहा कि इस फैसले से काले धन और आतंकी फंड पर लगाम लगाने में भी मदद मिलेगी। सरकार ने कहा है कि आधार ‘फुल प्रूफ’ है।
केंद्र सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने न्यायमूर्ति एके सिकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ के समक्ष कहा कि फर्जी पैन कार्ड बनाया जा सकता है, लेकिन आधार पूरी तरह से सुरक्षित है। इससे छेड़छाड़ नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड फर्जी तरीके से नहीं बनवाया जा सकता।
अटॉर्नी जनरल ने बताया कि आधार से गरीबों को सरकारी लाभ पहुंचाने में मदद मिली है। पेंशन योजनाओं को बेहतर तरीके से अंजाम देने में भी सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि ऐसा कर सरकार ने करीब 50 करोड़ रुपये बचाए हैं।