फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आधार कार्ड का नहीं बदलेगा डिजाइन: सरकार ने सोशल मीडिया दावे को बताया भ्रामक, आप भी रहें सावधान

Sun, 03 May 2026 05:50 PM IST
राकेश कुमार आईएएनएस, नई दिल्ली

सार

आधार कार्ड के छोटे और नए डिजाइन की खबरें महज अफवाह हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान स्वरूप में कोई बदलाव नहीं होगा, इसलिए फर्जी वायरल रिपोर्टों से पूरी तरह सावधान रहें। सरकार ने और क्या-क्या कहा है? जानिए...
 
विज्ञापन
आधार कार्ड की प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्र सरकार ने आधार कार्ड के डिजाइन में बदलाव से जुड़ी तमाम खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। रविवार को सरकार ने उन रिपोर्टों को पूरी तरह भ्रामक बताया जिनमें दावा किया गया था कि आधार कार्ड का स्वरूप बदला जा रहा है। सरकार ने कहा कि आधार को केवल फोटो और क्यूआर कोड वाले छोटे फॉर्मेट में बदलने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
विज्ञापन


सरकार ने दी सख्त चेतावनी
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। मंत्रालय ने कहा कि आधार के फॉर्मेट में बदलाव का सुझाव देने वाली खबरें और सोशल मीडिया पोस्ट पूरी तरह गलत हैं। मंत्रालय के मुताबिक, समय-समय पर ऐसी खबरें और पोस्ट सामने आ रही हैं जिनमें दावा किया जा रहा है कि साल के अंत तक आधार का लुक बदल जाएगा। इसमें केवल एक फोटो और क्यूआर कोड होने की बात कही जा रही है। यह जानकारी सही नहीं है। ऐसी किसी भी योजना पर विचार नहीं किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें: Aadhar Update: आधार कार्ड के 10 साल हो गए तो करा लें अपडेट, वरना मिलने वाली सुविधाओं में आएगी अड़चन
विज्ञापन


जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश
मंत्रालय की ओर से कहा गया कि इस तरह की फर्जी खबरें जनता के मन में अनावश्यक भ्रम पैदा कर रही हैं। सरकार ने लोगों को सलाह दी है कि वे केवल भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के आधिकारिक माध्यमों पर ही भरोसा करें। इसके अलावा पीआईबी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्तियों को ही अधिकृत जानकारी का स्रोत मानें। सरकार ने मीडिया संस्थानों से भी अपील की है कि वे ऐसी अपुष्ट सूचनाओं को बढ़ावा न दें।
विज्ञापन


आधार का व्यापक महत्व
आधार दुनिया की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली बन चुकी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में लगभग 134 करोड़ आधार उपयोगकर्ता हैं। अब तक आधार के जरिए 17,000 करोड़ से अधिक प्रमाणीकरण लेनदेन किए जा चुके हैं। यूआईडीएआई की ओर से प्रबंधित यह तंत्र विभिन्न सेवाओं के लिए पहचान सत्यापन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया के ऐसे भ्रामक पोस्ट को नजरअंदाज करें।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें