महाराष्ट्र के एक क्वारंटीन केंद्र में 8 साल के बच्चे से जबरन साफ कराया शौचालय
- फोटो : social media
महाराष्ट्र के बुलढाणा से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने मानवता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुलढाणा के एक गांव में एक आठ साल के बच्चे से क्वारंटीन केंद्र के शौचालय को साफ कराया। वहां मौजूद किसी शख्स ने इस घटना का वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर इसे वायरल कर दिया।
जिलाधिकारी के दौरे से पहले साफ करवाया शौचालय
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बुलढाना जिले के मारोण गांव में जिलाधिकारी का दौरा आयोजित किया गया था। इस दौरान जिलाधिकारी को मारेण गांव के एक प्राथमिक विद्यालय का भी दौरा और निरीक्षण करना था। यही वजह रही कि आनन-फानन में विद्यालय के अधिकारियों ने आठ साल के बच्चे से जबरन शौचालय साफ करवाया।
पंचायत समिति के कर्मचारी को किया सस्पेंड
हालांकि इस मामले में आरोपी कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया गया है। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पंचायत समिति का एक कर्मचारी बच्चे को शौचालय साफ करने के निर्देश दे रहा है। हालांकि वीडियो के सामने आने के बाद प्रशासन के बीच हड़कंप मच गया।
लकड़ी से मारने के डर से जबरन साफ करवाया शौचालय
ऐसा बताया गया कि लड़के को लकड़ी से मारे जाने का डर दिखाया गया था और शौचालय साफ करने के बाद बच्चे को 50 रुपये दिए गए। अब सवाल यह उठता है कि कर्मचारी की लापरवाही और शौचालय साफ करने की वजह से अगर बच्चा कोरोना से संक्रमित हो जाता तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता।
प्रशासन ने दिए जांच के निर्देश
जब ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, तब जिलाधिकारी ने इस वीडियो पर संज्ञान लिया और मामले की जांच करने के लिए एक समिति का गठन किया। इस समिति को तीन दिन के अंदर एक रिपोर्ट दर्ज के लिए भी कहा गया है।