शाम को 5.30 बजे अपूर्वा ने रात के खाने को लेकर शेखर को वीडियो कॉल की। कथित तौर पर वीडियो कॉल के दौरान शेखर ने महिला को छुपाने की कोशिश की, लेकिन अपूर्वा को पर्याप्त संकेत मिल गए। एक जांचकर्ता ने कहा, 'कंगनों की आवाज और महिला के कपड़ों की झलक से अपूर्वा का ध्यान इस ओर गया।'
पुलिस ने बताया कि रात करीब 10 बजे सभी शेखर के डिफेंस कॉलोनी स्थित बंगले पर पहुंचे। महिला भी शेखर के साथ अंदर गई। लेकिन अपूर्वा ने इस बात को नहीं उठाया। चूंकि शेखर बुरी तरह नशे में था, अपूर्वा ने उसे खाना खिलाया फिर दोनों पहली मंजिल पर अपने बेडरूम में चले गए। एक अधिकारी के मुताबिक करीब आधे घंटे बाद शेखर की मां घर में आईं और दोनों को बात करने के लिए बुलाया। लेकिन, बेचैनी होने की बात कहते हुए शेखर वापस अपने कमरे में चला गया।
अधिकारी ने बताया कि अपूर्वा कार में शेखर के साथ महिला के बारे में बात करने के लिए उसके कमरे में जाने से पहले रात 12.45 बजे तक टीवी देखती रही।
जांचकर्ता ने बताया, 'जब अपूर्वा ने शेखर से झगड़ना शुरू किया, शेखर ने उसे बताया कि वह और उसके साथ वाली महिला एक ही ग्लास से शराब पी रहे थे। इस पर अपूर्वा बेहद गुस्सा हो गई और उसका गला दबाने लगी और शेखर चीख न सके इसलिए उसने शेखर का मुंह बंद कर दिया। इसके बाद उसने अपने हाथों से शेखर का कत्ल कर दिया।'
राजीव रंजन कहते हैं कि शेखर इतना नशे में था कि वह खुद को बचा नहीं पाया। साथ ही कुछ महीने पहले हुई हृदय की बाईपास सर्जरी के चलते वह शारीरिक रूप से कमजोर भी था। घर में मौजूद किसी भी व्यक्ति को इस घटना के बारे में पता नहीं चल पाया।
एक और अधिकारी ने बताया कि शेखर का कत्ल करने के बाद अपूर्वा समझ नहीं पा रही थी कि अब वह क्या करे। अधिकारी ने बताया, 'वह 2 बजे के आसपास अपने कमरे में चली गई, लेकिन सो नहीं सकी।' सुबह 9 बजे गोलू ने शेखर के कमरे में झांका और उसे सोते देखा। उसने शेखर को जगाना सही नहीं समझा क्योंकि उसे उसकी अनिद्रा के बारे में और शेखर की देर तक सोने की आदत से वाकिफ था।
अधिकारी ने बताया, 'इस बीच शेखर की मां, जो तिलक लेन स्थित अपने घर में रहती हैं, ने अपने बेटे से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन अपूर्वा ने उसे नींद में परेशान करने से मना कर दिया।
दोपहर में करीब 3.30 बजे आखिरकार अपूर्वा ने गोलू को शेखर को जगाने के लिए भेजा। गोलू के जगाने पर जब शेखर की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई तो उसने गौर से देखा कि शेखर की नाक से खून बह रहा है। एंबुलेंस बुलाई गई और शेखर को मैक्स सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और शेखर की पत्नी और मां के बयान दर्ज किए। शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया, लेकिन क्राइम ब्रांच ने बताया कि कमरे को जल्द ही सील कर दिया गया था।
जब पोस्टमार्टम में हत्या की बात सामने आई तो पुलिस ने घर में मौजूद सभी लोगों की भूमिका देखी, हालांकि पुलिस का ध्यान मुख्यत: अपूर्वा, गोलू और ड्राइवर अखिलेश पर था। पुलिस ने बताया कि ग्राउंड फ्लोर पर लगे सीसीटीवी कैमरे से पता चला कि उस रात यही तीन लोग शेखर के पास थे।
अधिकारी ने बताया, 'गोलू और अखिलेश अपनी आजीविका के लिए पूरी तरह से शेखर पर निर्भर थे। लेकिन, अपूर्वा के बयान विरोधाभासी थे।' आखिरकार अपूर्वा ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।