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Lakhimpur Kheri Violence: कैसे भड़की हिंसा, कल से लेकर आज तक क्या हुआ, जानें

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में रविवार को किसानों से गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के काफिले को घेरने की कोशिश की, जिसके बाद भड़के तनाव और हिंसा में 9 लोगों की मौत हो गई। मारे गए लोगों में से 4 किसान थे, जबकि तीन भाजपा कार्यकर्ता। हम आपको बता रहे हैं कि लखीमपुर में हिंसा भड़कने से पहले और बाद में क्या हुआ...
  • 25 सितंबर 2021
    लखीमपुर में बवाल की आग आठ दिन पहले संपूर्णानगर में किसान गोष्ठी से सुलगनी शुरू हुई थी। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी को 25 सितंबर को लखीमपुर जाते समय किसानों ने काले झंडे दिखाए थे। 
  • 25 सितंबर 2021
    अजय मिश्र किसानों के प्रदर्शन से खफा हो गए। उन्होंने जनसभा में कहा कि अगर हम कार से उतर जाते तो उन्हें भागने का रास्ता नहीं मिलता। सुधर जाओ, वरना हम सुधार देंगे, दो मिनट लगेंगे। मैं किसी चुनौती से भागता नहीं। जिस दिन मैंने उस चुनौती को स्वीकार कर लिया, उस दिन लखीमपुर खीरी भी छोड़ना पड़ जाएगा। यह याद रखना।
  • 29 सितंबर 2021
    केंद्रीय गृह राज्य मंत्री की इन तल्ख टिप्पणियों के बाद किसानों में खासा गुस्सा था और उन्होंने 29 सितम्बर को लखीमपुर के खैरटिया गांव में एक प्रतिज्ञा समारोह में एलान किया कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध जताते रहेंगे। 
  • 3 अक्टूबर 2021

    सुबह 8 बजे

    सांसद के इस बयान पर किसान संगठनों ने नाराजगी जाहिर की और तकरीबन एक हफ्ते तक प्रदर्शन किए। रविवार को जब किसानों को उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के साथ अजय मिश्र टेनी के लखीमपुर खीरी आने की जानकारी मिली, तो करीब 200 किसानों ने विरोध के लिए खीरी के पास तिकुनिया कस्बे में मौजूद हैलीपैड घेर लिया। 
  • 3 अक्टूबर 2021

    दोपहर 12 बजे

    आनन-फानन में डिप्टी सीएम का कार्यक्रम बदला गया और उन्हें सड़क मार्ग से लखीमपुर लाया गया। यहां उन्होंने करीब 12 बजे एक गेस्ट हाउस में कई सरकारी योजनाओं का शिलान्यास किया। 
  • 3 अक्टूबर 2021

    दोपहर 1 बजे

    डिप्टी सीएम ने करीब एक बजे भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इसके बाद वह सड़क मार्ग से तिकुनिया के लिए निकले। यहां उन्हें एक दंगल के कार्यक्रम में शामिल होना था। यहां उनके साथ अजय मिश्र का काफिला भी निकलना था।
  • 3 अक्टूबर 2021

    दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच

    अजय मिश्र के काफिले के तिकुनिया जाने की जानकारी मिलते ही किसान मार्ग जाम करने पहुंच गए। रास्ते पर ही किसानों ने अजय मिश्र के काफिले को काले झंडे दिखाना शुरू किया और उनकी गाड़ी का घेराव कर लिया। आरोप है कि इसी दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे आशीष मिश्र ने किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी। इसमें दो किसानों की मौत हुई।
  • 3 अक्टूबर 2021

    दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच

    इसके बाद गाड़ी पलटने से दो और किसानों की जान चली गई। यानी घटना में कुल चार किसान मारे गए। इसके बाद गुस्साए किसानों ने कथित तौर पर आशीष की गाड़ी पर हमला कर दिया और उसके ड्राइवर को पीट-पीटकर मार डाला। उग्र किसानों की भीड़ ने बाद में गाड़ी में आग लगा दी। पुलिस पर पथराव की भी सूचना है। 
  • 3 अक्टूबर 2021

    हिंसा के बाद- 4 बजे से 7 बजे तक

    घटना के बाद हालात और न बिगड़ें, इसके लिए इलाके में इटंरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। हालांकि, घटना की खबर वायरल होते ही कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी ने किसानों के समर्थन में ट्वीट कर दिए। अखिलेश यादव ने भी इस घटना पर दुख जताते हुए ट्वीट किया। 
  • 3 अक्टूबर 2021

    रात 8 बजे

    घटना में मारे गए किसानों के परिजनों ने उनका पोस्टमार्टम कराने से इनकार किया। परिवारवालों ने कहा कि वे अपने नेताओं से बातचीत के बाद ही आगे के कदम उठाएंगे। उधर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर दौरा बीच में ही छोड़कर लखनऊ लौट आए।
  • 3 अक्टूबर 2021

    रात 8.30 बजे

    यूपी सरकार ने एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार और एसीएस (कृषि) देवेश चतुर्वेदी को घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए। दोनों रात में 8.30 से 9 बजे के बीच लखीमपुर खीरी पहुंचे।
  • 3 अक्टूबर 2021

    रात 9 बजे

    गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी ने न्यूज एजेंसी एएनआई से फोन पर बात की। उन्होंने बताया कि किसानों की तरफ से कुछ शरारती तत्वों ने पत्थरबाजी शुरू की, जिसमें उनके ड्राइवर को चोट आई और उनकी गाड़ी का नियंत्रण खो गया, जिससे दो किसान कार के नीचे आ गए। टेनी ने बताया कि उनका बेटा घटनास्थल पर मौजूद नहीं था। कई उपद्रवियों ने हम पर लाठी और तलवारों से हमले की कोशिश की। उन्होंने बताया कि उपद्रवियों ने कार में आग लगा दी और लोगों की जान भी ली।
  • 3 अक्टूबर 2021

    रात 10 बजे

    यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। राज्य सरकार इस घटना की गहराई तक जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर और आईजी लखनऊ को जांच के लिए घटनास्थल पर रहने के निर्देश।
  • 3 अक्टूबर 2021

    रात 11.30 बजे

    अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र मीडिया के सामने आए। उन्होंने घटनाक्रम पर पिता के ही ब्योरे को दोहराया। आशीष ने बताया कि वे रविवार सुबह 9 बजे से ही बनबीरपुर में एक कार्यक्रम में थे और दो दिन से घटनास्थल के आसपास भी नहीं पहुंचे थे। उन्होंने विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
  • 4 अक्टूबर 2021

    रात 12.30 बजे

    बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्र ने कहा कि वे लखीमपुर जाने की योजना बना रहे हैं। लेकिन कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए उनके काफिले को रोक दिया गया। मिश्र ने कहा कि उन्हें नोटिस दिया गया है कि लखीमपुर में राजनीतिक कार्यक्रमों बंद हैं। 
  • 4 अक्टूबर 2021

    रात 1 बजे से सुबह 5 बजे तक

    कांग्रेस महासचिव लखनऊ से लखीमपुर के लिए रवाना हुईं। करीब 1.15 बजे उनके काफिले को रोक लिया गया। सुबह करीब 5 बजे यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने ट्वीट में कहा कि प्रियंका गांधी को हरगांव से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें उन्हें पुलिसकर्मियों से बहस करते दिखाया गया।
  • 4 अक्टूबर 2021

    सुबह 8 बजे

    उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त सचिव अवनीश अवस्थी का आदेश सामने आया, जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल और पंजाब के डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा के एयरपोर्ट आने पर रोक लगा दी। दोनों ने एक दिन पहले ही लखीमपुर खीरी जाने की बात कही थी। इसके अलावा पूर्व सीएम अखिलेश यादव के घर के बाहर भी पुलिसबल तैनात कर दिया गया।
  • 4 अक्टूबर 2021

    सुबह 8.15 बजे

    लखीमपुर खीरी के डीएम एके चौरसिया ने बताया कि उन्हें किसानों की तरफ से ज्ञापन मिला है। इसमें किसानों ने अजय मिश्र टेनी को गृह राज्यमंत्री के पद से हटाने की मांग के साथ आरोपियों पर एफआईआर और मृतकों के परिवार को मुआवजे की मांग की। साथ ही पूरी घटना की न्यायिक जांच की मांग भी रख दी। 
  • 4 अक्टूबर 2021

    सुबह 8.30 बजे

    किसानों ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र और उनके बेटे आशीष मिश्र के खिलाफ तिकुनिया में केस दर्ज कराया।
  • 4 अक्टूबर 2021

    सुबह 9.30 बजे

    समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने घर पर ही प्रदर्शन शुरू किया। उनके साथ कई और समाजवादी कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हुए। अखिलेश ने मृतकों के परिजनों के लिए 2 करोड़ रुपए मुआवजा और एक सरकारी नौकरी की मांग की।
  • 4 अक्टूबर 2021

    सुबह 11 बजे

    लखनऊ से लखीमपुर खीरी जाते वक्त प्रगितिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के संस्थापक शिवपाल यादव को पुलिस ने हिरासत में लिया। 
  • 4 अक्टूबर 2021

    दोपहर 1 बजे

    एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि लखीमपुर खीरी में जिन चार किसानों की मौत हुई, उनके परिवार को 45 लाख रुपये और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। घायलों को भी 10 लाख रुपए मिलेंगे। किसानों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की जाएगी और हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज इस मामले की जांच करेंगे। 
  • 4 अक्टूबर 2021

    दोपहर 1.45 बजे

    एडीजी प्रशांत कुमार ने लखीमपुर खीरी में भाकियू नेता राकेश टिकैत के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया। उन्होंने मारे गए किसानों के शवों के पोस्टमार्टम और उनके अंतिम संस्कार कराए जाने की बात कही।