परिषदीय विद्यालयों में अंतरजनपदीय तबादले के लिए एक शिक्षिका ने आवेदन में अपनी तैनाती 1916 की दर्शाई। बीएसए ने आवेदन को सत्यापित कर सूची बेसिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड कर दी। यहां जब अफसरों ने 102 वर्ष पूर्व नौकरी लगने की बात देखी तो वे हैरान रह गए। इसी तरह कई अन्य मामले भी सामने आए हैं। संबंधित जिलों के बीएसए से जवाब-तलब किया गया है।
दरअसल, अंतरजनपदीय तबादले में शिक्षकों को वरिष्ठता के आधार पर प्राथमिकता मिलनी है। प्रदेशभर से आए अंतरजनपदीय तबादले के आवेदकों की सूची तीन दिन पहले ही परिषद की वेबसाइट पर अपलोड हुई। अफसरों ने जब इसकी जांच शुरू की तो गड़बड़ी सामने आने लगी। ऐसा ही एक मामला सिद्धार्थनगर का है। यहां तैनात एक शिक्षिका ने आवेदन संख्या 07797 में तैनाती की तिथि दो जनवरी 1916 दर्शाई और कुल सेवाकाल 35 वर्ष लिखा।
इस गड़बड़ी को नजरअंदाज करते हुए बीएसए ने सत्यापन के दौरान वरिष्ठता के आधार पर शिक्षिका को 40 अंक भी दे दिए। शिक्षिका ने स्थानांतरण के लिए इलाहाबाद का विकल्प भरा है, क्योंकि उनके पति इलाहाबाद में कार्यरत हैं। इसी तरह कई अन्य जिलों में भी शिक्षकों के आवेदन पत्रों में तैनाती का वर्ष 1961 या फिर उसके आसपास दर्शाया गया है। इस पर सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा ने संबंधित जिलों के बीएसए से जवाब-तलब किया है।
प्रदेशभर से 25 हजार से अधिक शिक्षकों ने किए हैं आवेदन
बता दें कि परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के अंतरजनपदीय तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन दो चरणों में लिए गए थे। इसके लिए प्रदेशभर से 25 हजार से अधिक शिक्षकों ने आवेदन किए। इसी माह संबंधित बीएसए कार्यालय में दस्तावेजों के साथ शिक्षकों की काउंसलिंग हुई। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन के सत्यापन की जिम्मेदारी बीएसए को दी गई। कई जिलों में बीएसए ने आवेदनों का सत्यापन आंख मूंद के किया।