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कान की गंदगी से जुड़ा है दिल की बीमारी का तार, शोध में हुआ खुलासा

Sun, 16 Sep 2018 11:52 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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heart problem
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भारत में दिल की बीमारी (हृदय रोग) से हर साल लगभग 1.7 मिलियन यानी 17 लाख लोग मौत के मुंह में समा जाते हैं। इस बीच एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 95 फीसदी लोग जिनके कान में गंदगी भरी होती है, यानी जिन्हें कान की बीमारी होती है, वो हृदय रोग से भी पीड़ित होते हैं।
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मुंबई के रहने वाले एक डॉक्टर हिम्मतराव बावस्कर ने 888 ऐसे रोगियों पर शोध किया, जो मधुमेह और उच्च रक्तचाप से पीड़ित थे। इस शोध में उन्होंने पाया कि 95 फीसदी यानी 508 रोगियों के कान में गंदगी भरी थी और वो हृदय रोग से भी पीड़ित थे। 

हालांकि 60 वर्ष की उम्र पार चुके लोगों में कान की गंदगी का होना एक आम बात है और उनमें हृदय रोग का खतरा भी ज्यादा होता है। यह समस्या आज इतनी आम हो चुकी है की हर परिवार में कोई न कोई सदस्य हृदय रोग से ग्रस्त है। 
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हृदय रोग के क्या हैं लक्षण 

1. अचानक सीने में दर्द दिल का दौरा पड़ने का संकेत हो सकता है, लेकिन अन्य चेतावनी के संकेत भी काफी मामलों में प्रत्यक्ष होते हैं।

2. आपको एक या फिर दोनों हाथों, कमर, गर्दन, जबड़े या फिर पेट में दर्द और बेचैनी महसूस हो सकती है।

3. सांस की तकलीफ, ठंडा पसीना आना, मतली या चक्कर जैसे लक्षण भी हृदय रोग का कारण हो सकते हैं। 

4. लगातार सांस टूटने की अत्यधिक तीव्र तकलीफ दिल के दौरे की चेतावनी है। लेकिन हो सकता है यह अन्य हृदय की समस्याओं का संकेत हों। 
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हृदय रोग के कारण 

हृदय रोग के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें कोलेस्ट्रॉल बढ़ना, ध्रूमपान, शराब पीना, तनाव, आनुवांशिकता, मोटापा और उच्च रक्तचाप शामिल है।  

ऐसे रखें अपने दिल का ख्याल 

दिल की बीमारियों से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप अपने खान-पान पर विशेष ध्यान दें। मौसमी फल और ताजा सब्जियां (उबली या पकी हुई), होलमील रोटी या ब्रेड, सलाद, स्प्राउट, सब्जियों का सूप, छाछ, पनीर, कम मात्रा में ताजा दूध और घी आदि खाद्य वस्तुओं का सेवन करें। 

इसके अलावा आंवला भी दिल के लिए बहुत फायदेमंद है। यह ताजा लिया जा सकता है या फिर संरक्षित या पाउडर के रूप में भी ले सकते हैं। 

हफ्ते में कम से कम दो या तीन बार तेल से सिर की मालिश करें। यह बहुत ही फायदेमंद होता है। इसके अलावा हफ्ते में कम से कम एक बार तेल से पूरे शरीर की मालिश करें। यह कई रोगों से बचाव में कारगर होता है। 
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