याचिका में अदालत से यह आदेश देने की मांग भी की गई कि केंद्र सरकारी नौकरियों, सहायता एवं सब्सिडी के लिए दो बच्चों का नियम बना सकता है और इसका पालन न करने पर मतदान का अधिकार, चुनाव लड़ने का अधिकार, संपत्ति का अधिकार, निशुल्क आश्रय का अधिकार, निशुल्क कानूनी सहायता का अधिकार जैसे कानूनी अधिकार वापस लिए जा सकते हैं।
याचिका में अश्विनी ने दावा किया है कि भारत की जनसंख्या चीन से भी अधिक हो गई है क्योंकि हमारी लगभग 20 फीसदी आबादी के पास आधार कार्ड नहीं है। ऐसे लोग सरकारी आंकड़ों में शामिल नहीं हैं। देश में करोड़ों रोहिंग्या और बांग्लादेशी अवैध रूप से रह रहे हैं। याचिका में यह दावा भी किया गया है कि दुष्कर्म और घरेलू हिंसा जैसे जघन्य अपराधों के पीछे का मुख्य कारण होने के साथ ही भ्रष्टाचार का भी मूल कारण जनसंख्या विस्फोट है।