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एक मां के आंसुओं के चलते साथ आए बरेलवी और देवबंदी मुसलमान, पढ़ें पूरी कहानी

Mon, 30 May 2016 08:21 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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तौकीर रजा खान - फोटो : getty
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बरेलवी समुदाय के धर्मगुरु मौलाना तौकीर रजा खान ने हाल ही में दारुल उलूम देवबंद का दौरा किया। यह कोई सामान्य घटना नहीं है। देवबंदी और बरेलवियों के बीच लंबे समय से मतभेद रहे हैं। फिर अचानक ऐसा क्या हो गया, जो ये दोनों साथ आ गए। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों समुदायों को करीब लाने के पीछे हैं 'एक मां के आंसू।'    
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तौकीर रजा ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, 'हमारे बच्‍चों को निशाना बनाया जा रहा है। अब समय आ गया है, जब ऐसे लोगों से लड़ा जाए, जो मुस्लिम युवाओं को जेल में सलाखों के पीछे डाल रहे हैं।' तौकीर रजा बरेलवी मूवमेंट के संस्‍थापक मौलाना अहमद रजा खान के पोते हैं। 

तौकीर रजा यहीं पर नहीं रुके, उन्‍होंने कहा, 'मालेगांव को देखिए। हमारे लड़कों को सजा दी जा रही है। यहां तक कि दशकों तक ट्रायल के लिए जेल रखा गया और छोड़ दिया गया। त‍ब तक उनकी छवि बर्बाद हो गई। अच्‍छा मुसलमान या बुरा मुसलमान जैसी कोई बात नहीं है, इसके खिलाफ एकजुट होने का समय है। हम सभी सरकार की दोहरी नीति के शिकार हैं।' 
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तौकीर रजा ने बताया कि वह एक मां के आंसुओं के कारण देवबंद पहुंचे। हाल ही में शकीर अंसारी को बम धमाकों के मामले में गिरफ्तार किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, मई की  शुरुआत में दिल्‍ली पुलिस ने 13 मुस्लिम युवकों को हिरासत में लिया था। बाद में पुलिस ने 10 युवकों को सबूतों के अभाव में छोड़ दिया, जबकि साजिद, समीर अहमद और शकीर अंसारी को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद तौकीर ने शकीर के परिवार से मुलाकात की थी। उन्‍होंने बताया कि वे दोनों पंथों के बीच एक कॉमन मिनिमम एजेंडा रखने पर काम कर रहे हैं। 
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