IAF MiG Crash: राजस्थान के बाड़मेर के पास भारतीय वायुसेना का एक मिग-21 लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान (Plane) में दो पायलट (Pilot) सवार थे और इस दुखद हादसे में दोनों पायलट शहीद हो गए। मिग विमान के नीचे गिरते ही इसमें आग (Fire) लग गई और ये धूं-धूं कर जलने लगा।
भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) ने कहा कि इस दुर्घटना (Accident) में मिग-21 ट्रेनर विमान (MiG-21 Trainer Aircraft) के दोनों पायलटों की जान चली गई। भारतीय वायुसेना को इनकी जान गंवाने का गहरा अफसोस है और शोक संतप्त परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (court of inquiry) का आदेश दिया गया है।
राजनाथ ने की वायुसेना प्रमुख से बात
उधर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बाड़मेर में मिग-21 लड़ाकू विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने पर भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी से बात की। वायुसेना प्रमुख ने उन्हें घटना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके अलावा उन्होंने एक ट्वीट के माध्यम से राजस्थान के बाड़मेर के पास IAF के मिग-21 ट्रेनर विमान की दुर्घटना में अपनी जान गंवाने वाले दो एयर वॉरियर के प्रति अपनी संवेदनाएं भी व्यक्त कीं। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।
वायुसेना ने नहीं बताए शहीद पायलटों के नाम
इधर, भारतीय वायुसेना ने अभी तक दोनों पायलटों के नाम नहीं बताए हैं। मिग-21 काफी लंबे समय से भारतीय वायुसेना का मुख्य आधार रहा है। हालांकि, विमान का सुरक्षा रिकॉर्ड बहुत खराब है। बीते मार्च में रक्षा राज्य मंत्री अजय भट ने राज्यसभा में जानकारी देते हुए कहा था कि पिछले पांच वर्षों में तीनों सेवाओं के विमान और हेलीकॉप्टरों की दुर्घटनाओं में 42 सैन्य कर्मियों ने अपनी जान गंवाई है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले पांच वर्षों में कुल हवाई दुर्घटनाओं की संख्या 45 थी, जिनमें से 29 मामले भारतीय वायुसेना से जुड़े हुए थे।