बिहार सरकार की ओर से आयोजित मकर संक्रांति प्रदर्शनी 2026 का चार दिवसीय आयोजन राजधानी दिल्ली के बिहार निवास में संपन्न हुआ। 15 से 18 जनवरी तक चली इस प्रदर्शनी में बिहार की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक शिल्प, आधुनिक तकनीक, कृषि आधारित नवाचार और स्थानीय उत्पादों की झलक देखने को मिली।
बिहार सरकार की ओर से आयोजित मकर संक्रांति प्रदर्शनी 2026 का चार दिवसीय आयोजन राजधानी दिल्ली के बिहार निवास में संपन्न हुआ। 15 से 18 जनवरी तक चली इस प्रदर्शनी में बिहार की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक शिल्प, आधुनिक तकनीक, कृषि आधारित नवाचार और स्थानीय उत्पादों की झलक देखने को मिली। दिल्ली-एनसीआर सहित देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे बड़ी संख्या में दर्शकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बिहार की सांस्कृतिक व आर्थिक विविधता को करीब से जाना।
विज्ञापन
इस प्रदर्शनी में आर्ट एंड क्राफ्ट, डॉल मेकिंग, हैंड एम्ब्रॉयडरी, हस्तनिर्मित एरोमैटिक और आर्ट मेटल सिल्वरवेयर से जुड़े स्टॉल्स दर्शकों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बने रहे। बिहार की पहचान मानी जाने वाली मंजूषा, टिकुली और मधुबनी पेंटिंग ने कला प्रेमियों को खासा लुभाया। इसके साथ ही कारीगरों द्वारा किए गए लाइव क्राफ्ट डेमोंस्ट्रेशन ने प्रदर्शनी को और जीवंत बना दिया। इन प्रस्तुतियों के जरिए दर्शकों को पारंपरिक शिल्प की बारीकियों को नजदीक से समझने का मौका मिला और शिल्पकारों के हुनर को प्रत्यक्ष देखने का अनुभव मिला।
खाद्य उत्पादों से जुड़े स्टॉल्स में बिहार के पारंपरिक स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्यवर्धक विकल्पों की खास झलक देखने को मिली। मखाना, फूड प्रोसेसिंग और मिलेटपैथी आधारित उत्पादों को दर्शकों ने खूब पसंद किया। आहारिका और बिहारिका जैसे ब्रांड्स ने स्थानीय व्यंजनों को आधुनिक पैकेजिंग और आकर्षक प्रस्तुति के साथ पेश किया। इससे न सिर्फ बिहार के पारंपरिक खान-पान की पहचान मजबूत हुई, बल्कि इनके बढ़ते व्यावसायिक और बाजार संभावनाओं को भी प्रभावी ढंग से सामने रखा गया। इस प्रदर्शनी में लगे ड्रोन और टेक्नोलॉजी से जुड़े स्टॉल्स ने बिहार के बदलते और तकनीकी रूप से सशक्त होते चेहरे को सामने रखा। ड्रोन तकनीक के उपयोग, उसके आधुनिक अनुप्रयोगों और भविष्य की संभावनाओं को लेकर खासतौर पर युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। इन स्टॉल्स के माध्यम से यह साफ संदेश गया कि बिहार अपनी समृद्ध परंपराओं को संजोए रखते हुए तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
विज्ञापन
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग और बिहार पर्यटन के स्टॉल्स पर बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्रमुख पर्यटन स्थलों और विभिन्न सरकारी पहलों की विस्तृत जानकारी दी गई। इन स्टॉल्स पर दिनभर दर्शकों की खासा भीड़ देखने को मिली, जहां लोगों ने बिहार के पर्यटन मानचित्र को नजदीक से समझा और राज्य की विविधताओं से रूबरू हुए।आयोजकों ने बताया कि मकर संक्रांति प्रदर्शनी 2026 का मुख्य उद्देश्य बिहार के कारीगरों, कलाकारों, उद्यमियों और किसानों को एक सशक्त मंच और नई पहचान देना था। चार दिनों तक चले इस आयोजन ने बिहार की परंपरा, नवाचार और विकास की साझा तस्वीर पेश की। राजधानी दिल्ली में आयोजित इस प्रदर्शनी के जरिए नए बिहार की मजबूत और सकारात्मक छवि उभरकर सामने आई। आयोजकों के मुताबिक इस आयोजन ने न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया, बल्कि बिहार के उत्पादों, पर्यटन और नवाचारों के प्रति लोगों में सकारात्मक सोच विकसित करने में भी अहम भूमिका निभाई।