सीबीआई इसी मामले में कुमार से पूछताछ करने के लिए उन्हें गिरफ्तार करना चाहती है। 24 मई तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगी हुई थी। जिसे बढ़ाने के लिए वह उच्चतम न्यायालय गए लेकिन उन्हें वहां से राहत नहीं मिली। अदालत ने उन्हें कोलकाता उच्च न्यायालय जाने के लिए कहा है। गिरफ्तारी पर लगी रोक हटने के बाद अब उन्हें कभी भी सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किया जा सकता है।
राजीव कुमार के उत्तर प्रदेश में स्थित पैतृक घर पर पुलिस की तैनाती कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां उनकी तलाश में लग गई हैं। पश्चिम बंगाल में इस समय वकीलों की हड़ताल है जिसके कारण कुमार चाहकर भी उच्च न्यायालय का रुख नहीं कर पा रहे हैं।
मालूम हो कि गत फरवरी में उच्चतम न्यायालय ने राजीव कुमार को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत प्रदान की थी। लेकिन 17 मई को फरवरी में दिए अपने आदेश को वापस ले लिया था। हालांकि कोर्ट ने कुमार को सात दिनों की राहत देते हुए उचित फोरम का दरवाजा खटखटाने के लिए कहा था।