प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद से लड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जरूरी है। साथ ही आतंकियों की मदद और फंडिंग करने वालों के खिलाफ तुरंत सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को यूरोपीय संघ के सांसदों को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। यूरोपीय संसद का 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को जम्मू व कश्मीर का दौरा करेगा। आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की बात करते हुए मोदी ने कहा कि जम्मू कश्मीर का दौरा करने से यूरोपीय सांसदों को जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के सांस्कृतिक व धार्मिक विभिन्नताओं का पता लगेगा।
साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे उन्हें क्षेत्र की मौजूदा स्थितियों और सरकार की प्राथमिकताओं का अंदाजा लगेगा। नरेंद्र मोदी ने बिना किसी देश का नाम लिए कहा कि आतंकवाद और कट्टरवाद की वजह से भारत और यूरोप के लोकतांत्रिक व्यवस्था को खतरा पैदा हो गया है।
जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के हटने के बाद यूरोपियन संसद के 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को वहां का दौरा करेगा। सूत्रों ने बताया कि पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के हटने के बाद किसी विदेशी प्रतिनिधिमंडल का यहां पहला दौरा होगा।
अनुच्छेद 370 के राज्य से हटने के बाद से ही यह विषय दुनिया भर में चर्चा का मुद्दा बना हुआ है। दूसरी ओर पाकिस्तान की तरफ से भी यह मामला लगातार उठाया जाता रहा है। इसी बीच यूरोपियन प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा काफी महत्वपूर्ण है।
यह प्रतिनिधिमंडल जम्मू कश्मीर के वर्तमान हालात देखने के लिए जाएगा। इससे पहले यह प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से मिला।
प्रतिनिधिमंडल से मिलने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अपने कार्यकाल की शुरुआत में ही सांसदों के भारत के साथ संबंधों को महत्व देने की सराहना की। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि सदस्यों की जम्मू कश्मीर सहित देश के अन्य हिस्सों में लाभदायक यात्रा हो।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की यात्रा से प्रतिनिधिमंडल को इस क्षेत्र के विकास और शासन की प्राथमिकताओं पर स्पष्ट दृष्टिकोण के अलावा सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता की बेहतर समझ प्रदान होगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवादियों का समर्थन या आतंक को प्रायोजित करने वाले या इस प्रकार की गतिविधियों और संगठनों का समर्थन करने वाले या राज्य की नीति के रूप में आतंकवाद का उपयोग करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। आतंकवाद के लिए शून्य सहिष्णुता होनी चाहिए।
उन्होंने व्यापार को लेकर कहा कि निष्पक्ष और संतुलित द्विपक्षीय व्यापार और निवेश समझौते (बीटीआईए) का जल्द समापन मेरी सरकार के लिए प्राथमिकता है।
वहीं, आज यह प्रतिनिधिमंडल उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू से मुलाकात करेगा।
अभी तक भारत की तरफ से किसी भी विदेशी प्रतिनिधिमंडल को जम्मू कश्मीर का दौरा करने की इजाजत नहीं दी गई थी। ऐसे में यह दौरा काफी अहम है।