मणिपुर में कोरोना का एक ऐसा कष्टदायी मामला सामने आया है जिसे सुनकर या पढ़कर लोगों के दिल दहल उठेंगे। मणिपुर की 22 वर्षीय अंजली हमांगते को राज्य के कांगपोकपी के क्वारंटीन सेंटर से इम्फाल इसलिए लाया गया क्योंकि उसके पिता को एक लंबी अवधि से गंभीर बीमारी थी और अंजली के पास अपने पिता को आखिरी बार अलविदा करने के लिए केवल तीन मिनट थे।
अंजली कोरोना वायरस संदिग्ध है और अपने पिता से आखिरी बार मिलने इम्फाल आती हैं। अपने पिता के शव पेटिका के पास बैठकर अंजली रोती रहती है लेकिन मजबूरन उसकी मां, परिवार वाले और पड़ोसी अंजली को कोरोना वायरस होने की वजह से सांत्वना नहीं दे पाते हैं।
अंजली के पास खड़े डॉक्टर अपनी घड़ी में वक्त होने का इंतजार करते हैं। अंजली को आखिरी बार अपने पिता से मिलने के लिए केवल तीन मिनट दिए जाते हैं, जिसके बाद स्वास्थ्य कर्मचारी अंजली को वहां से अपने साथ वापस क्वारंटीन सेंटर ले आते हैं।
25 मई को अंजली एक श्रमिक ट्रेन के जरिए चेन्नई से अपने घर लौटती है, जिसके बाद उसे संस्थागत तरीके से क्वारंटीन केंद्र में भेज दिया जाता है। अंजली को क्वारंटीन करने का कारण यह था कि उसके साथ यात्रा कर रहे लोगों में से एक व्यक्ति को कोरोना वायरस था, उसका टेस्ट पॉजिटिव पाया गया था।
पिता की मौत की खबर मिलते ही अधिकारियों से अनुमति लेने के बाद ही अंजली पूरी पीपीई किट पहनकर अपने पिता को आखिरी बार अलविदा कह पाई। वहीं कोरोना संदिग्ध होने की वजह से अंजली अपनी मां और परिवार वालों से भी नहीं मिल सकी। दरअसल, मणिपुर में कोरोना के 13 मामले और सामने आए हैं, जिसके बाद राज्य में कोरोना के कुल मामलों की संख्या 121 पहुंच गई है।