पश्चिम बंगाल सेकेंडरी शिक्षा बोर्ड ने 12 साल की एक लड़की को अगले साल 10वीं की परीक्षा में बाहरी उम्मीदवार के तौर पर शामिल होने को मंजूरी दे दी है। सैफा खातून नामक लड़की अब तक कभी स्कूल नहीं गई है। उसने घर पर रह कर ही पढ़ाई की है। अब अगले साल वह सीधे बोर्ड की परीक्षा देगी।
बोर्ड के अध्यक्ष कल्याणमय गांगुली ने यहां बताया कि सैफा खातून अगस्त में बाहरी उम्मीदवारों के लिए आयोजित पात्रता परीक्षा में शामिल हुई थीं। वह उसमें पास हो गई है। गांगुली ने कहा कि यह बोर्ड की दसवीं की परीक्षा के दो दशक के इतिहास में एक अभूतपूर्व मामला है।
बंगाल में इस परीक्षा में शामिल होने के लिए न्यूनतम उम्र 14 साल है। हावड़ा जिले की रहने वाली सैफा ने पात्रता परीक्षा में 52 फीसदी अंक हासिल किए थे।