बजट सत्र के पहले चरण में विपक्ष के हंगामे के बावजूद लोकसभा में जमकर कामकाज किया गया। लोकसभा सचिवालय ने शनिवार को कहा, दो भागों वाले बजट सत्र के पहले चरण के दौरान लोकसभा में 99.5 फीसदी कामकाज दर्ज किया गया। संसद के बजट सत्र का पहला चरण 29 जनवरी को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ था और शनिवार को खत्म हुआ।
लोकसभा स्पीकरण ओम बिड़ला ने कहा कि संसद का बजट सत्र सुचारु तरीके से चला और अहम विषयों पर देर रात तक चर्चा व बहस होने से संसद के गंभीर होने का संदेश गया है। बिड़ला ने बताया कि बजट सत्र के पहले चरण में 50 घंटे के तय समय के मुकाबले 49 घंटे और 17 मिनट तक कामकाज किया गया।
उन्होंने कहा, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर 16 घंटे 39 मिनट तक चर्चा हुई और इसमें 49 महिला सांसदों समेत 130 सदस्यों ने हिस्सेदारी की, जबकि आम बजट पर 10 घंटे के तय समय के मुकाबले 14 घंटे 40 मिनट तक 117 सदस्यों ने चर्चा की। शून्यकाल की चर्चा में 173 सदस्यों ने शिरकत की।
इस दौरान सांसदों ने तत्काल जन अहमियत के तमाम मुद्दे उठाए। हंगामे के कारण सदन ने महज 43 मिनट का कीमती समय गंवाया।