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NCPCR: बाल तस्करी रोधी सेल को बड़ी कामयाबी, अब तक 964 बच्चों को बचाया गया; एनसीपीसीआर के गठन के बाद कार्रवाई

Sun, 25 May 2025 05:29 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के गठन के बाद से तमाम कार्रवाईयों में अब तक कुल 964 बच्चों का बचाया जा चुका है। एनसीपीसीआर ने बताया कि बाल तस्करी रोधी सेल को देशभर में बढ़ती हुई बाल तस्करी की घटनाओं से निपटने के लिए गठित किया गया था। यह सेल अब तक कई बच्चों को खतरनाक स्थितियों से बचाकर उन्हें सुरक्षित जीवन देने में मददगार साबित हुई है।
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बाल तस्करी रोधी सेल की बड़ी कामयाबी - फोटो : ncpcr.gov.in
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विस्तार
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देश में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने बताया है कि बाल तस्करी रोधी सेल के गठन के बाद से अब तक 964 बच्चों को तस्करी से बचाया जा चुका है।
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बिहार के सारण जिले से 17 नाबालिग लड़कियों की रेस्क्यू
आयोग ने एक बयान में जानकारी दी कि हाल ही में बिहार के सारण ज़िले में 17 नाबालिग लड़कियों को एक ऑर्केस्ट्रा समूह से बचाया गया। इन लड़कियों को अश्लील नृत्य करने के लिए मजबूर किया जा रहा था। यह कार्रवाई तब की गई जब एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) ने आयोग को जानकारी दी कि सारण जिले में कुछ ऑर्केस्ट्रा ग्रुप्स नाबालिग बच्चियों का शोषण कर रहे हैं। इन लड़कियों को जबरदस्ती अश्लील नाच करवाया जा रहा था, जो पूरी तरह गैरकानूनी है।

पुलिस और आयोग की संयुक्त कार्रवाई
इस सूचना के बाद, एनसीपीसीआर ने सारण के पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. कुमार आशीष को तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया। आदेश मिलने के बाद, एसपी ने मसरख, पानापुर और इसुआपुर थाना क्षेत्रों के पुलिस अधिकारियों की एक विशेष टीम बनाई। इस संयुक्त बचाव अभियान में 17 लड़कियों को बचाया गया है। जिसमें छह लड़कियां मसरख इलाके से है, सात लड़कियां पानापुर इलाके से और चार लड़कियां इसुआपुर इलाके की हैं।
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बच्चियों की देखरेख अब चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के पास
बच्चियों रेस्क्यू के बाद, सभी नाबालिग लड़कियों को बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया है। अब यह समिति उनकी देखभाल, पुनर्वास और सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। साथ ही, इस मामले की गहराई से जांच भी की जा रही है।

एनसीपीसीआर ने दोहराया: बच्चों के अधिकारों की रक्षा सर्वोपरि
एनसीपीसीआर ने एक बार फिर दोहराया है कि वह भारत के संविधान और कानूनों के तहत बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। आयोग ने खास तौर पर कई कानूनों का जिक्र किया है।
  • जुवेनाइल जस्टिस एक्ट, 2015
  • पॉक्सो एक्ट, 2012
  • निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009
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