कार्तियानी अम्मा- भागीरथी अम्मा
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105 साल की भागीरथी अम्मा ने अपनी जिंदगी मे काफी युवावस्था से ही परेशानियों को देखा है। उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वह बुढ़ापे में एक बार फिर अपनी पढ़ाई शुरू करेंगी और लोग उनकी तारीफ करेंगे। 2018 में उन्हें केरल राज्य साक्षरता मिशन में 100 में से 98 अंक मिले थे।
इसी वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में उनका जिक्र किया था। अब उन्हें 2019 के नारी शक्ति पुरस्कार के लिए चुना गया है। उनके अलावा अलपुझ्झा की रहने वाली 98 साल की कार्तियानी अम्मा को भी 2019 के नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने भी 2018 में साक्षरता परीक्षा में टॉप किया था।
अब आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में सम्मानित करेंगे। इस पुरस्कार को महिला और बाल विकास मंत्रालय द्वारा महिलाओं को दिया जाता है जो सर्वोच्च नागरिक सम्मान के बराबर है।
नारी शक्ति पुरस्कार सालाना व्यक्तियों, समूहों, शिक्षण संस्थानों को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके किए असाधारण काम को लेकर दिया जाता है। इसमें एक लाख रुपये नकद और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है। कोल्लम की रहने वाली भागीरथी अम्मा ने परीक्षा में 75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं।
भागीरथी के 16 नाती-पोते और 12 पड़पोते-पोतियां हैं। वहीं कार्तियानी अम्मा ने साक्षरता मिशन की परीक्षा में 100 में 98 अंक लाकर सभी को चौंका दिया था। उन्हें कॉमनवेल्थ ऑफ लर्निंग गुडविल अंबेसडर के तौर पर चुना गया है।