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95 लाख पेंशनरों ने उठाया सरकार की इस स्कीम का फायदा, कोरोना के दौरान नहीं हुई परेशानी

Tue, 29 Sep 2020 07:54 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पेंशन प्राप्त करने के लिए संवितरण एजेंसी में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहना और जीवन प्रमाण-पत्र प्राप्त करना ही पेंशनभोगियों के लिए सबसे बड़ी समस्या बनी रहती है...
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pension scheme - फोटो : i stock
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केंद्र सरकार द्वारा पेंशनरों के लिए शुरू किया गया डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र योजना का फायदा करीब 95 लाख लोगों ने उठाया है। खास बात ये रही कि कोरोना संक्रमण के दौरान पेंशनरों को यह प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़े। पेंशन प्राप्त करने के लिए संवितरण एजेंसी में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहना और जीवन प्रमाण-पत्र प्राप्त करना ही पेंशनभोगियों के लिए सबसे बड़ी समस्या बनी रहती है।

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वृद्ध और शारीरिक रूप से कमजोर लोगों के लिए तो ये अधिक मुसीबत वाला काम रहता था। ऐसे लोग अपना जीवन प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए हर समय प्रमाणन प्राधिकारी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते थे। लेकिन अब अधिकांश पेंशनर घर बैठे डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र को अपडेट कर देते हैं। वहां से संबंधित विभाग अपडेट लेकर पेंशन जारी करता रहता है।

देखने में आया है कि रिटायरमेंट के बाद अनेक पेंशनर अपने परिवार के साथ किसी दूसरी जगह पर रहने लगते हैं। कुछ ऐसे भी होते हैं, जो अपने बच्चों से दूर होते हैं। ऐसी स्थिति में उनके लिए पेंशन कार्यालय या बैंक के चक्कर काटना संभव नहीं हो पाता। यदि किसी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है तो उसे कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
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चूंकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन ही उनकी आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत होती है, ऐसे में वे इस प्रयास में लगे रहते हैं कि जीवन प्रमाण पत्र सही समय पर जारी हो जाए। इसके बाद वे अधिकृत पेंशन संवितरण एजेंसी के समक्ष उपस्थित होकर अपना जीवन प्रमाण-पत्र जमा कराते हैं। इन सब औपचारिकताओं के बाद ही उनकी पेंशन जारी होती है।

केंद्र सरकार ने देशभर के पेंशनरों को राहत प्रदान करने के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र जारी करने की योजना शुरू की थी। इसका मकसद जीवन प्रमाण-पत्र प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाकर इसे आसान बनाना है। इस योजना के शुरू होने के बाद पेंशनभोगियों को संवितरण एजेंसी और प्रमाणन प्राधिकारी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं रहना पड़ता।

उन्हें कई तरह की अनावश्यक बाधाओं का सामना करने से निजात मिल गई है। केंद्र सरकार, राज्य सरकार और अन्य सरकारी संस्थाओं के पेंशनर इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं। पिछले साल नवंबर से लेकर अब तक 94.77 लाख पेंशनरों ने इस योजना का फायदा उठाया है।

देश में एक करोड़ से ज्यादा पेंशनर हैं। इनमें से 50 लाख केंद्र सरकार, पचास लाख राज्य सरकार और करीब 25 लाख सैन्यकर्मी व दूसरी संस्थाओं के पेंशनर शामिल हैं। बायोमेट्रिक सिस्टम की मदद से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र तैयार किया जाता है।

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