हिंडन पर इस बार मिग-21 भी खड़ा नजर आएगा। छह दशक की सेवा के बाद यह विमान पिछले ही दिनों वायुसेना से रिटायर हुआ है। हालांकि, इस दौरान राफेल और सुखोई-30 जैसे मारक एयरक्राफ्ट भी लोगों के मुख्य आकर्षण का विषय होंगे, जिन्होंने पाकिस्तान को मजा चखाने में अहम भूमिका निभाई।
हर बार वायुसेना दिवस पर आसमान में अलग-अलग फॉर्मेशन में उड़ान भरते लड़ाकू विमानों और हेलिकॉप्टरों की गर्जना सुनाई देती थी, जिसे देख दर्शकों का भी खूब मनोरंजन होता था। इस बार समारोह का मुख्य आकर्षण वायुसेना के वो योद्धा होंगे, जिन्होंने मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी वायुसेना के छक्के छुड़ाने में अहम भूमिका निभाई। वायुसेना के इन जांबाजों ने दुश्मन के रनवे और लड़ाकू विमान तबाह कर दिए। नतीजतन पाकिस्तान युद्ध की शुरुआत में ही रक्षात्मक हो गया। वायुसेना प्रमुख इन सभी एयर वॉरियर्स को सम्मानित करेंगे।
स्टील्थ लड़ाकू विमान सुखोई एसयू-57
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गुवाहाटी में फ्लाई पास्ट की ये है वजह
इस साल वायुसेना दिवस पर हिंडन में फ्लाई पास्ट न होने की वजह राजधानी क्षेत्र का बढ़ता एयर ट्रैफिक है। फ्लाई पास्ट आयोजित करने की सूरत में अभ्यास के लिए भी कुछ दिन एयर ट्रैफिक बाधित करना पड़ता। इसके अलावा सघन आबादी क्षेत्र होने के कारण यहां बर्ड हिट का अंदेशा हमेशा बना रहता है। इसीलिए फ्लाई पास्ट को गुवाहाटी शिफ्ट किया गया है। गुवाहाटी का मौसम भी इन दिनों फ्लाई पास्ट के अनुकूल नहीं है, लिहाजा इसके लिए 9 नवंबर का दिन चुना गया है।
आसमान में वायुसेना के विमान।
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अब अलग-अलग शहरों में होता है समारोह
साल 2021 तक वायुसेना दिवस का मुख्य समारोह हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर ही होता था, लेकिन इसके बाद यह चंडीगढ़, प्रयागराज और चैन्नई में रखा गया। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह थी कि सैन्य बलों को अपने मुख्य समारोह अलग-अलग शहरों में आयोजित करने चाहिए, ताकि देश के सभी हिस्सों से आम लोग इनसे जुड़ पाएं।