समाजवादी पार्टी में मचे घमासान के बाद सपा सुप्रीमो रहे मुलायम सिंह ने बेशक बेटे अखिलेश यादव से वक्त की नजाकत भांपते हुए समझौता कर लिया हो लेकिन अखिलेश यादव किसी तरह की मुरव्वत के मूड़ में नजर नहीं आ रहे।
यही कारण है कि अभी तक अखिलेश द्वारा जारी सपा प्रत्याशियों की सूची में से मुलायम की सूची वाले 93 लोगों के नाम बाहर कर दिए गए हैं। इनमें कई नाम तो मुलायम के खासे चहेतों के बताए जाते हैं। हालांकि पिता की इच्छा का सम्मान रखते हुए अखिलेश ने कई उम्मीदवारों को अपनी सूची में जगह तो दी लेकिन उनकी मनपसंद सीट बदल दी गई है।
अभी तक मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा 321 सपा प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की गई है। इसमें अखिलेश ने उन सभी दावेदारों को शामिल किया है जिन्हें पूर्व में अखिलेश से नजदीकियों के चलते उनके चाचा और प्रदेश अध्यक्ष रहे शिवपाल यादव ने जानबूझकर बाहर कर दिया था। अब अखिलेश ने उम्मीदवारों की नई सूची से 93 ऐसे लोगों का पत्ता साफ कर दिया गया है जो मुलायम और शिवपाल की सूची में थे।
अतीक अहमद को दिखाया गया बाहर का रास्ता
- फोटो : self
इनमें सबसे प्रमुख नाम तो गैंगस्टर रहे अतीक अहमद का है। जिन्हें मुलायम ने कानपुर कैंट सीट से उम्मीदवार बनाया था। इसके अलावा पत्नी की हत्या के आरोप में जेल में बंद अमरमणि त्रिपाठी के बेटे अमनमणि त्रिपाठी का टिकट भी काट दिया गया है, मुलायम ने उन्हें भदोही की ज्ञानपुर सीट से उम्मीदवार बनाया था।
अखिलेश ने नई सूची में दो मंत्रियों मनपाल सिंह और विजय कुमार मिश्रा की भी छुट्टी कर दी। इसके अलावा गाजीपुर की जहूराबाद सीट से प्रत्याशी शादाब फातिमा का नाम भी नई सूची में नहीं है।
हालांकि मुलायम के विश्वस्त कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को अमेठी सीट से और कौमी एकता दल के विधायक और डॉन मुख्तार अंसारी के भाई सिबगतुल्ला अंसारी को अभयदान दे दिया गया है।
बता दें कि कौमी एकता दल के सपा में विलय पर ही पार्टी का पारिवारिक झगड़ा घर से बाहर आ गया था। मुलायम की लिस्ट वाले कुछ उम्मीदवार ऐसे भी हैं जिन्हें अखिलेश ने अपनी लिस्ट में तो बरकरार रखा है लेकिन उनकी सीट बदल दी है।
बेनी प्रसाद वर्मा के बेटे का बदला टिकट
- फोटो : amar ujala
मसलन, राज्यसभा सांसद और मुलायम के करीबी बेनी प्रसाद वर्मा के बेटे राकेश वर्मा को बहराइच की केसरगंज सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। पूर्व में मुलायम ने उन्हें अखिलेश के करीबी मंत्री अरविंद सिंह गोप की जगह बारबंकी की रामनगर सीट से उम्मीदवार बनाया था।
हालांकि सीट बदले जाने से नाराज राकेश वर्मा ने केसरगंज से चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया है। फिलहाल उनके भाजपा में जाने की चर्चाएं चल रही हैं। इसके अलावा मुलायम के करीबी जय शंकर पांडे के बेटे आशीष पांडे को अयोध्या से दिया गया टिकट भी अखिलेश ने कैंसिल कर दिया है।
मुलायम ने अखिलेश के करीबी पवन पांडेय की जगह आशीष पांडे को वहां से टिकट दिया था। हालांकि पिता की इच्छा का सम्मान रखते हुए अखिलेश ने आशीष पांडे को नजदीकी अंबेडकर नगर की कटेहरी सीट से उम्मीदवार बनाया है।
वहीं सौतेले भाई प्रतीक यादव की पत्नी अर्पणा यादव को भी दोबारा लखनऊ कैंट सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। अर्पणा का नाम मुलायम द्वारा जारी की गई सभी लिस्ट में था लेकिन चाचा शिवपाल से तकरार के बाद अखिलेश ने पूर्व में जो सूची जारी की थी उसमें अर्पणा यादव का टिकट काट दिया गया था।