संचार मंत्रालय ने पोस्ट ऑफिस को लेकर बड़ा खुलासा किया है। संचार मंत्रालय ने बुधवार को संसद में कहा कि वर्तमान में देश के डाकघरों में 9395 करोड़ रुपये जमा हैं जिन्हें कोई निकालने वाला नहीं है। संचार मंत्रालय ने ये जानकारी सांसद भावना गवली और कृपाल बालाजी के मांगने पर दी है। सांसद भावना गवली और कृपाल बालाजी ने दो जनवरी को सवाल पूछा था कि क्या डाकघरों, लोक भविष्य निधि आदि के बचत खातों में बिना दावे की निधि की बड़ी राशि पड़ी हुई है? यदि हां तो धनराशि का ब्यौरा क्या है।
क्या संबंधित खातों में नॉमिनी की अनुपलब्धता, नॉमिनी का सत्यापन न होने और विभिन्न अन्य कारणों से डाक विभाग समाधान में कठिनाई पैदा कर रहा है। लिखित जवाब देते हुए संचार राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार मनोज सिन्हा ने कहा कि डाकघर में जमा राशि का मुख्य कारण जमाकर्ताओं द्वारा पिछले काफी समय से धनराशि न निकाला जाना है। उन्होंने बताया कि इस तरह की धनराशि की निकासी के लिए सरकार ने नीति बनाई है।
माना जाता है कि बैंकों या डाकघरों के खातों में इस तरह की धनराशि पड़े होने की प्रमुख वजह खाताधारक की मौत होती है। खाताधारक की मौत के बाद उसकी ओर से दर्ज नॉमिनी को भुगतान होता है, मगर कई बार खाताधारक नॉमिनी के बारे में उपयुक्त जानकारी नहीं देते। या फिर कुछ खाताधारकों के नॉमिनी ही नहीं उपलब्ध होते। कई बार नॉमिनी को लेकर भी विवाद खड़ा हो जाता है। इन सब के चलते ऐसे खातों से धनराशि निकलने में समस्या होती है।