देश में प्राइमरी स्कूल के बदतर हालत की खबर नई नहीं है। सरकार कितना भी सफलता के राग अलापे प्राइमरी स्कूलों की स्थिति ज्यों कि त्यों बनी हुई है। शिक्षा निदेशालय की रिपोर्ट के अनुसार शिक्षा सत्र 2016-17 में 890 सरकारी प्राइमरी स्कूलों में से केवल 5 स्कूलों में हेडमास्टरों की नियुक्ति की गई।
इन पांच नियुक्तियों के बाद अभी केवल 3 और हेडमास्टरों की नियुक्तियों के आसार हैं। इसके अलावा सरकारी प्राइमरी स्कूलों में छात्रों की संख्या में भी कमी आ रही है। शिक्षा निदेशक जी पी भट्ट ने बताया कि जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या अधिक है वहां के सबसे वरिष्ठ शिक्षक को हेड टीचर बना दिया गया है। हेड टीचर बनने वाले इन शिक्षकों को उनकी सैलरी के अलावा केवल 200 रुपए अधिक दिए जाते हैं।
शिक्षा अधिकारियों ने बताया एक पॉलिसी निर्णय की वजह से कई सालों से हेडमास्टर या हेड टीचर की नियुक्ति नहीं की गई है। गांव के एक प्राइमरी स्कूल शिक्षक ने बताया कि हमें पढ़ाने के अलावा कार्यालय से संबंधित काम भी करने पड़ते हैं। इस तरह हमारा पूरा ध्यान केवल पढ़ाने में नहीं लग पाता। आपको बता दें कि गोवा में करीब 347 स्कूलों में केवल एक शिक्षक हैं।