कोरोना वायरस का डंक नौकरियों पर भी पड़ने लगा है। एक सर्वे में शामिल देश के 86 फीसदी लोगों को अपनी नौकरी या रोजी रोटी छिनने का डर सता रहा है। वहीं 84 फीसदी लोगों का मानना है कि वायरस के कहर का अभी शुरुआती दौर है।
कॉर्सबी टेक्सटर के चेयरमैन अतुल झांब की मानें तो भारत के 84 फीसदी कोरोना से निपटने के लिए सरकार के अब तक के प्रयासो से संतुष्ट हैं। अमेरिका में ये दर 46, ब्रिटेन में 56, हांगकाग में 53 और ऑस्ट्रेलिया में 71 फीसदी है।
कोरोना के कारण नौकरी पर सबसे अधिक खतरा आईटी, निर्माण और मीडिया कंपनियों में काम करने वाले लोगों को है। इन तीनों क्षेत्रोें में काम करने वाले लोग भविष्य के मौके को लेकर चिंतित हैं।
हालांकि निर्माण क्षेत्र से जुड़े 77 फीसदी , आईटी क्षेत्र से जुड़े 65 फीसदी और मीडिया क्षेत्र से जुड़े 67 फीसदी लोगों को उम्मीद है कि आने वाले दो सालों में उनकी कंपनियों की हालत बेहतर होगी। आंकड़ों के अनुसार तीन में से एक भारतीय पेशेवर की आय कम हुई है।