फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देश के 83,681 विद्यार्थियों का आईआईटी से मोहभंग, तीन वर्षों से लगातार घट रहे हैं परीक्षार्थी

Sat, 15 Jun 2019 06:47 AM IST
Avdhesh Kumar अरविंद, नई दिल्ली
विज्ञापन
IIT
विज्ञापन
देश के 23 आईआईटी संस्थानों में बीटेक कोर्स में प्रवेश लेने के लिये विद्यार्थियों के रूझान में निरंतर गिरावट आ रही है। पिछले तीन वर्ष के आंकडों की पडताल करें तो पता चलता है कि इस वर्ष जेईई-मेन परीक्षा से चयनित 83,681 परीक्षार्थियों ने जेईई-एडवांस्ड परीक्षा देने में रूचि नहीं दिखाई। इस वर्ष अप्रैल में 9,35,471 विद्यार्थियों ने जेईई-मेन के लिये पंजीयन करवाया था, उनमें से 8,74,469 ही परीक्षा देने पहुंचे।
विज्ञापन


नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने जेईई-मेन,2019 से शीर्ष रैंक वाले 2.45 लाख परीक्षार्थियों को जेईई-एडवांस्ड परीक्षा देने के लिये क्वालिफाई घोषित किया। लेकिन इनमें से 1.73 लाख ने ही पंजीयन करवाया। उसके बाद 27 मई को मात्र 1,61,319 परीक्षार्थी ही जेईई-एडवांस्ड के पेपर देने पहुंचे।

आईआईटी रूडकी द्वारा आयोजित जेईई-एडवांस्ड,2019 के रिजल्ट में इस वर्ष 38,705 विद्यार्थियों को काउंसलिंग के लिये पात्र घोषित किया गया है। जिसमें 33,349 छात्र तथा 5356 छात्राएं शामिल हैं। जबकि गत वर्ष 1.52 लाख परीक्षार्थियों में से 31,988 को क्वालिफाई घोषित किया गया था। ये विद्यार्थी 23 आईआईटी संस्थानों की 12,069 से अधिक सीटों के लिये काउंसलिंग प्रक्त्रिस्या में भाग लेंगे। ये सीटें गत वर्ष की हैं, जिसमें गर्ल्स केटेगरी के लिये आरक्षित 80 सीटें भी शामिल थी। इस वर्ष गर्ल्स केटेगरी एवं ईडब्ल्यूएस केटेगरी में 10 प्रतिशत रिजर्वेशन की अतिरिक्त सीटें और बढ़ जाएंगी।
विज्ञापन


इसलिये घट रही है रूचि

सूत्रों ने बताया कि 23 आईआईटी में फैकल्टी की निरंतर कमी, नये आईआईटी में आधारभूत सुविधाओं व संसाधनों की कमी के चलते अच्छे प्लेसमेंट नहीं होने से विद्यार्थी नई आईआईटी से बीटेक करने को प्राथमिकता नहीं दे रहे हैं। इसकी तुलना में वे पुराने एनआईटी से मनपसंद ब्रांच में बीटेक करना चाहते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष 83,681 (34.15 प्रतिशत) विद्यार्थियों का आईआईटी जैसे संस्थानों से मोहभंग हो जाना विंचारणीय है। इससे आईआईटी की वर्ल्ड क्लास रैंकिंग भी प्रभावित हो सकती है। केवल कटऑफ में गिरावट करने तथा क्वालिफाई विद्यार्थियों की संख्या बढाये जाने से रिक्त सीटें नहीं भर सकती है। इसके लिये आईआईटी संस्थानों की गुणवत्ता पर ध्यान देना होगा।  
विज्ञापन

तीन वर्षों में घटता रूझान

जेईई-मेन से   एडवांस्ड में  कमी
वर्ष      क्वालिफाई    अनुपस्थित  (प्रतिशत में)
2017   2,21834    62,294     28.08
2018   2,31,024    66,822     28.92
2019   2,45,000    83,681     34.15

जेईई-एडवांस्ड की कटऑफ में किया बदलाव

आईआईटी रुड़की ने जेईई-एडवास्ड के पात्रता मापदंडों में मामूली बदलाव कर विद्यार्थियों को और अधिक अवसर दिये हैं। एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि विषयवार कटऑफ को यथावत रखते हुये इस वर्ष कुल कटऑफ कम कर दी है। सामान्य वर्ग के लिये पहले कुल कटऑफ न्यूनतम 35 प्रतिशत थी उसे और घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। अर्थात् 372 में से 93 (25 प्रतिशत) अंक लाने वाले परीक्षार्थी भी क्वालिफाई माने जाएंगे।

इसी तरह, ईडब्ल्यूएस व ओबीसी एनसीएल केटेगरी के लिये कट ऑफ 31.5 प्रतिशत थी, जिसे घटाकर 22.5 प्रतिशत कर दिया गया है। एससी, एसटी तथा दिव्यांग वर्ग के लिए कटऑफ को 17.5 प्रतिशत से घटाकर 12.5 प्रतिशत कर दिया गया है। साथ ही आईआईटी के लिये आरक्षित वर्ग के प्रिपरेटरी कोर्स के लिए कटऑफ 8.75 प्रतिशत से घटाकर 6.25 प्रतिशत कर दी गई है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें