रक्षा मंत्रालय ने स्वदेशी कंपनियों से 82979 करोड़ के उपकरणों की खरीद के लिए 94 समझौते किए हैं। स्वदेशी कंपनियों से विमानों, हैलीकॉप्टरों, मिसाइलों, रडारों और अन्य उपकरणों की खरीद की योजना है। यह कदम रक्षा उपकरणों में मेक इन इंडिया अभियान को बढ़ावा देने के लिए उठाया जा रहा है, जिसके लिए प्रावधान सरल बनाए जा रहे हैं।
रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की क्षमताओं के भरपूर उपयोग की रणनीति पर अमल शुरू हो गया है। तीन साल में विदेशी कंपनियों से 56 टेंडरों पर हस्ताक्षर हुए, जिनके तहत 53684 करोड़ के उपकरणों की खरीद की जाएगी। इसके अलावा भारतीय कंपनियों को प्राथमिकता दी जा रही है।
इसके लिए लाइसेंसिंग के नियम उदार बनाए जा रहे हैं, ताकि स्वदेशी निजी कंपनियां रक्षा उपकरणों के निर्माण में प्रोत्साहित हो सकें। साथ ही रक्षा क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाई जा रही है ताकि भारतीय रक्षा उद्योग आधुनिक एवं नई तकनीक से उपकरण तैयार कर सके।