भारतीय कोस्ट गार्ड ने अंडमान सागर में एक नौका में भटक रहे 81 मुस्लिम रोहिंग्याओं को सुरक्षित बचा लिया। हालांकि नौका पर 8 लोगों के शव भी मिले हैं और एक व्यक्ति लापता है। भारतीय अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि नौका की मरम्मत की जा रही है ताकि ये सभी लोग सुरक्षित बांग्लादेश पहुंच सकें।
केंद्र सरकार ने इन लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए बांग्लादेश से भी बात की है। ये सभी लोग करीब दो हफ्ते पहले मलयेशिया जाने के लिए दक्षिणी बांग्लादेश से रवाना हुए थे लेकिन अंतरराष्ट्रीय जल सीमा में ये लोग भटकते पाए गए।
11 फरवरी को बांग्लादेश से रवाना हुई थी नौका, इंजन खराब होने से सागर में बह रही थी, 8 की मौत
अधिकारियों का कहना है कि बांग्लादेश के कॉक्स बाजार से नौका 11 फरवरी को चली थी। इसमें 56 महिलाएं, आठ लड़कियां, 21 पुरुष और 5 लड़के सवार थे। सुरक्षित बचाए गए ज्यादातर लोग बीमार थे और डिहाइड्रेशन के शिकार थे। रवाना होने के चार दिन बाद ही नौका के इंजन में खराबी आ गई थी और उसमें सवार लोग इतने दिन से भूखे प्यासे थे।
दिल्ली से राहत-बचाव और तलाशी अभियान की निगरानी कर रहे भारतीय कोस्ट गार्ड के एक अधिकारी ने कहा कि नौका का इंजन खराब हो गया था और हमें कुछ रोहिंग्याओं से मदद की अपील मिली थी। मानवीय आधार पर हमने उनकी जिंदगी बचाई।
उन्होंने कहा कि इन सभी लोगों को वापस बांग्लादेश भेजने के लिए विदेश मंत्रालय काम कर रहा है और भारत नौका के इंजन की मरम्मत या इसे बदलेगा ताकि ये सभी लोग सुरक्षित वापस जा सकें।
बचाए गए लोगों को खाना और दवाई उपलब्ध कराई गई है। साथ ही महिलाओं तथा बच्चों को नए कपड़े भी दिए गए हैं। हालांकि मृत मिले लोगों के अंतिम संस्कार को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि मदद की अपील आने पर तत्काल दो भारतीय कोस्ट गार्ड शिप को नौका की तलाश में बृहस्पतिवार को रवाना किया गया था और इस नौका को खोज निकाला गया। उन्होंने कहा कि नौका में सवार 47 लोगों के पास से यूएनएससीआर कार्यालय द्वारा जारी आईडी कार्ड मिला है।