कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन के चलते फंसे हुए मजदूरों को उनके गृह राज्य पहुंचाने के लिए भारतीय रेलवे की तरफ से देशभर में श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। रेलवे ने गुरुवार को कहा कि एक मई से अब तक 800 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया है। इस दौरान 10 लाख प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्य पहुंचाया गया है। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन को 25 मई से देशभर में लागू किया गया। इनमें से सबसे अधिक ट्रेनें उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए चलाई गईं हैं।
रेलवे ने बताया कि 14 मई 2020 तक देशभर के विभिन्न राज्यों से कुल 800 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जा चुका है। 10 लाख से अधिक यात्री अपने गृह राज्य पहुंच चुके हैं। ये 800 ट्रेनें आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मिजोरम, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में चलाए गईं हैं। रेलवे ने कहा है कि ट्रेन में सवार होने से पहले यात्रियों की उचित जांच की जा रही है, रेलवे ने कहा कि यात्रा के दौरान यात्रियों को मुफ्त भोजन और पानी दिया जा रहा है।
सोमवार से प्रत्येक श्रमिक स्पेशल ट्रेन में करीब 1700 यात्री सफर करेंगे, जबकि पहले यह संख्या 1200 थी। इसका उद्देश्य यथासंभव अधिक कामगारों को घर पहुंचाना है। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआत में ये ट्रेनें बीच रास्ते में कहीं नहीं रुकती थी।
रेलवे ने सोमवार को यह घोषणा की कि गंतव्य राज्यों में अधिकतम तीन स्टेशनों पर ये ट्रेनें रूकेंगी। इस सिलसिले में कई राज्य सरकारों के अनुरोध करने के बाद यह फैसला किया गया। रेलवे द्वारा इन विशेष सेवाओं पर आने वाली लागत की घोषणा अभी बाकी है। लेकिन अधिकारियों ने संकेत दिया कि रेलवे प्रत्येक परिचालन पर करीब 80 लाख रुपये खर्च कर रहा है।