केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को राज्यसभा में बताया कि देश में 80 चीनी कंपनियां अभी काम कर रही हैं। अन्नाद्रमुक सांसद ए विजयकुमार के भारत-चीन सीमा विवाद के मध्य देश में चीनी कंपनियों की संख्या और इन्हें बाहर निकालने के प्रावधान से जुड़े सवाल के जवाब में ठाकुर ने सदन को बताया कि 92 कंपनियां पंजीकृत हैं।
उन्होंने कहा, कंपनियों को संचालित करने के लिए कानून बने हैं सभी के लिए इनका पालन करना अनिवार्य है। कोई भी कंपनी यदि भारत में काम करती है तो उसे मानकों का पालन करना ही होगा।
वित्त राज्यमंत्री ने सदन को बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) विनियमित किया जाता है, इन नियमों को हाल ही में संशोधित भी किया गया है और जहां तक सवाल रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु उर्जा का है तो इन क्षेत्रों में एफडीआई पर प्रतिबंध है, बाकि कंपनियों में विनिवेश के लिए सरकार की अनुमति अनिवार्य है।
उन्होंने कहा, कोरोना काल में भारतीय कंपनियों के हितों को देखते हुए इसमें व्यापक बदलाव किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 24 दिसंबर को कैबिनेट की सुरक्षा समिति की बैठक में सरकार ने दूरसंचार के लिए राष्ट्रीय स्तर पर निर्देश तैयार किए है। इससे भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षित नेटवर्क विकसित करने और 5जी नेटवर्क के लिए चीनी उपकरणों के इस्तेमाल पर रोक लग सके।
रुपये ने अन्य एशियाई मुद्रा के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया
वित्तवर्ष 2019-20 में भारतीय रुपये की खराब माली हालत और निर्यात की गंभीर स्थिति को लेकर आप सांसद नारायण दास गुप्ता के सवाल पर ठाकुर ने कहा, विदेशी मुद्रा डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत तय होती है। इस कीमत को बाजार की ताकते तय करती हैं। आरबीआई केवल विशेष स्थितियों में ही हस्ताक्षेप करता है। जब बहुत उतार-चढ़ाव न हो।
ठाकुर ने कहा, 2020 में भारतीय रुपये ने अन्य एशियाई मुद्राओं के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया है। रुपये की प्रशंसा दर 3.39 फीसदी रही है। कोरोना काल की चुनौतियों ने देश के लिए अवसर का काम किया।
इस समय के दौरान देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की रिकार्ड आमद दर्ज कराई गई है। यह 58 बिलियन डॉलर से ज्यादा का है, जोकि 590 यूएस बिलियन डॉलर से अधिक है। इसका देश की बाहरी देनदारियों पर भी असर पड़ा है। ठाकुर ने उन्होंने कहा महामारी का असर पूरी दुनिया पर है, इसलिए उसका कुछ प्रभाव भारत के निर्यात पर भी है।
एलआइसी के आईपीओ का 10 फीसदी हिस्सा
केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को राज्यसभा में बताया कि अगले वित्तवर्ष में आने वाले एलआईसी के आईपीओ का 10 फीसदी हिस्सा भारतीय जीवन बीमा निगम के पॉलिसी धारकों के लिए आरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार बहुसंख्यक शेयरधारक बनी रहेगी और पॉलिसी धारकों के हितों की रक्षा के लिए प्रबंधन नियंत्रण का ध्यान रखा जाएगा।